प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के दिन मध्य प्रदेश में एक ऐतिहासिक पहल शुरू हुई। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि की निशुल्क रजिस्ट्री अभियान का शुभारंभ इंदौर से किया गया। इस मौके पर बड़ौद के सीताराम को प्रदेश की पहली फ्री रजिस्ट्री का दस्तावेज सौंपा गया।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पार्टी प्रमुख बनने के बाद पहली बार मध्य प्रदेश पहुंचे। इंदौर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक करीब पांच किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला गया। रास्ते में भारी भीड़ उमड़ी और भगवा झंडों से पूरा मार्ग सजा दिखाई दिया।
कार्यक्रम में नितिन नबीन और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मिलकर निशुल्क रजिस्ट्री अभियान का औपचारिक आगाज किया। मध्य प्रदेश अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 50 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री पूरी तरह मुफ्त करवाई जा रही है। स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इंदौर और आसपास के इलाकों से करीब 30 हजार हितग्राहियों को दस्तावेज दिए जाने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए दीवाली और दशहरा दोनों एक साथ मनाए जा रहे हैं। वर्षों से जिस जमीन-मकान पर लोग रह रहे थे, अब उन्हें कानूनी मालिकाना हक मिल रहा है। इससे वे आसानी से बैंक लोन ले सकेंगे और अपनी संपत्ति का पूरा उपयोग कर पाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुए सेवा-संकल्प अभियान का भी जिक्र किया।
नितिन नबीन ने भी योजना की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा सरकारें आम लोगों को उनका हक दिलाने का काम लगातार कर रही हैं। कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से कुछ हितग्राहियों को दस्तावेज सौंपे गए, जिनमें बड़ौद निवासी सीताराम को पहली निशुल्क रजिस्ट्री का सम्मान मिला।