दिग्विजय ने CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप: 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में कैसे बिक गई?

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर दोहरे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार पहले राम मंदिर से जुड़े ट्रस्ट से जुड़े रहे और अब कथित वोट चोरी के मामलों में भी उनकी भूमिका है।

सिंह ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट से जुड़े भूमि सौदों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने एक जमीन लगभग दो करोड़ रुपये में खरीदी। अगले दिन ही उसी जमीन को ट्रस्ट ने करीब 18 करोड़ रुपये में ले लिया। उन्होंने इस सौदे समेत निर्माण कार्यों और ठेकों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनके मुताबिक, खर्च और ठेकों पर सवाल उठाने वाले कर्मचारियों को हटाने की घटनाएं भी हुई हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज पर बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ट्रस्ट के ट्रस्टी रह चुके हैं। उन्होंने ट्रस्ट में हुई कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच और धार्मिक परंपराओं से जुड़े संतों व प्रतिनिधियों को प्रबंधन में जगह देने की बात कही। उन्होंने मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर नई व्यवस्था बनाने का सुझाव भी दिया।

वोट चोरी के मुद्दे पर सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए और करीब नौ करोड़ योग्य मतदाताओं के नाम अभी सूची में शामिल नहीं हुए हैं। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां लाखों लोगों को मताधिकार से वंचित किया गया। ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक रूप से काम करने और जहां-जहां रहे वहां अनियमितताएं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग की।

प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने अंकिता भंडारी मामले में न्याय दिलाने और उज्जैन में जमीन आवंटन व मंदिर परिसर के आसपास निर्माण संबंधी मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने 20 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की। इस यात्रा के जरिए चंदा चोरी और वोट चोरी दोनों मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग की जाएगी। राष्ट्रपति को डिजिटल याचिका भेजने के अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से मिस्ड कॉल के जरिए समर्थन देने की अपील की।