अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई है। शुक्रवार को फ्लोरिडा में आयोजित एक रैली में उन्होंने कहा कि अमेरिका एक और छोटा सैन्य अभियान चला सकता है, जिसे उन्होंने ‘एपिक फ्यूरी’ के नाम से जोड़ा। यह नाम पहले 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए अमेरिकी अभियान से जुड़ा है। उनके इस बयान से पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
तेहरान ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, अगर अमेरिका और इजरायल दोबारा हमला करते हैं तो खाड़ी क्षेत्र में समुद्र की तलहटी में बिछी संचार केबलों को निशाना बनाया जा सकता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि केबल क्षतिग्रस्त होने के बाद उनकी मरम्मत में बाधा डालने की योजना है, ताकि इंटरनेट और अन्य संचार सेवाएं लंबे समय तक बाधित रहें। एक अधिकारी ने चेतावनी दी कि हमले की स्थिति में कोई सीमा नहीं रहेगी और समुद्री केबल से लेकर सैन्य ठिकाने तक सब कुछ लक्ष्य बन सकते हैं।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के नीचे से गुजरने वाली सात प्रमुख इंटरनेट केबलों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमला होने पर इन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। पहले भी ईरानी पक्ष इन केबलों को संभावित लक्ष्य बता चुका है।