Bihar assembly elections: बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत, चुनाव आयोग की टीम ने अपनी निरीक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस दौरान, मतदान में इस्तेमाल होने वाली कुल 4 लाख 41 हज़ार 540 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में से अधिकांश मशीनें पहले चरण के निरीक्षण में मतदान के लिए पूरी तरह तैयार पाई गई हैं। यह महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले ही संपन्न कर लिया गया है, जो आयोग की कुशल योजना और क्रियान्वयन को दर्शाता है।
मशीनों की स्थिति और मरम्मत कार्य
जांच में यह सामने आया है कि कुल मशीनों में से लगभग 85% मशीनें उत्कृष्ट कार्यशील स्थिति में हैं। शेष मशीनों को, जिनकी संख्या कम है, मरम्मत और रखरखाव के लिए भेजा गया है ताकि वे भी आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी मशीन मतदान प्रक्रिया में बाधा न डाले।
व्यापक जांच प्रक्रिया का विवरण
आयोग के निर्देशों के अनुसार, 2 मई से 30 जून तक राज्य के सभी जिलों में स्थित भंडार गृहों में रखी कुल 1,76,506 बैलेट यूनिट (BU), 1,28,726 कंट्रोल यूनिट (CU), और 1,36,317 VVPAT मशीनों की गहन जांच की गई। बिहार के सभी 38 जिलों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की प्रथम चरण की जांच (FLC) 25 जून को सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। यह जांच हर बड़े चुनाव से पहले अनिवार्य रूप से की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी मशीनें त्रुटिहीन ढंग से काम करें और मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो।
पारदर्शिता और निगरानी
इस पूरी जांच प्रक्रिया पर जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ EVM का निर्माण करने वाली कंपनी, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के इंजीनियरों ने भी कड़ी निगरानी रखी। प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, जांच के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी उपस्थित रहे। जांच के उपरांत, जिन मशीनों को सही पाया गया है, उनकी विस्तृत सूची सभी राजनीतिक दलों को भेज दी गई है। इसके अतिरिक्त, समस्त जानकारी ईएमएस 2.0 पोर्टल पर भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दी गई है, जिससे कोई भी व्यक्ति मशीनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकता है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, विनोद सिंह गुंजियाल ने इस संबंध में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ कई बैठकें कीं और जांच की प्रगति पर चर्चा की।
राजनीतिक दलों की भागीदारी
जांच प्रक्रिया में प्रमुख राजनीतिक दलों जैसे भाजपा, राजद, कांग्रेस, बसपा, माकपा, और जदयू ने सक्रिय सहयोग दिया। हालांकि, कुछ छोटे दलों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही। पटना, बेगूसराय, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, समस्तीपुर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और वैशाली जैसे कई जिलों में राजनीतिक दलों की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अच्छी रही। चुनाव अधिकारियों ने इस पूरी जांच प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी की और सभी जिलों में किए गए कार्यों की लाइव वीडियो के माध्यम से भी जांच की गई।
सीमित भागीदारी वाले दल
EVM जांच के दौरान कुछ दलों जैसे आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी की भागीदारी सीमित देखी गई। वहीं, नेशनल पीपुल्स पार्टी ने किसी भी जिले में FLC कार्य में भाग नहीं लिया। जिलावार उपस्थिति की बात करें तो बेगूसराय, पटना, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, सहरसा, सारण, सीतामढ़ी, सिवान, अररिया, भागलपुर, शेखपुरा, समस्तीपुर, खगड़िया, मधुबनी, नवादा, पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, वैशाली, बक्सर, भोजपुर, कटिहार, औरंगाबाद, रोहतास, मुंगेर, कैमूर, अरवल, जहानाबाद, मधेपुरा, शिवहर और जमुई में दलों की उपस्थिति काफी अच्छी रही। इसके विपरीत, सात जिलों, जिनमें बांका, दरभंगा, किशनगंज, गयाजी, गोपालगंज, नालंदा और सुपौल शामिल हैं, में कुछ पार्टियों की भागीदारी कम दर्ज की गई।