418 करोड़ की लागत से बनेंगे दो ग्रीनफील्ड लिंक रोड, रायपुर को खास सौगात

लिंक रोड

Greenfield Link Road In Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ट्रैफिक से छुटकारा पाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दो ग्रीनफील्ड लिंक रोड बनाएगी जिसमें 418 करोड़ की लागत आएगी। ये लिंक रोड तीन प्रमुख राज्यमार्गों से जोड़ेंगे जो यातायात को आसान और सुखद बनाएंगे। इसका मकसद है रायपुर के भीड़ बाद वाले इलाकों को नेशनल हाइवे से जोड़ना ताकि पहुंच आसान हो। इसमें दो मुख्य लिंकरोड बनेंगी। पहला लिंक रोड: मोवा-विधानसभा से उरकुरा होते हुए एनएच-30 तक और दूसरा दूसरा लिंक रोड: जोरा (एनएच-53) से मोवा-विधानसभा (एनएच-130बी) तक। इन दोनों रोड के बन जाने के बाद क़रीब 10 लाख लोगों को राहत मिलेगी जिसके लिए सरकार नियमित प्रयास कर रही।

पहली रोड – मोवा विधानसभा से उरकुरा होते हुए एनएच-30 तक

यह मार्ग मेन रोड-11 मोवा अंडरब्रिज से शुरू होकर रेलवे लाइन के किनारे लाभांडी, कचना, जोरा और सेरीखेड़ी जाएगा। यह सड्डू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, दलदल सिवनी और उरकुरा रेलवे यार्ड से गुजरते हुए रायपुर-धमतरी रोड से जुड़ेगा। यह मार्ग बड़ा नाला टेकारी से रिंग रोड क्रमांक-3 को भी जोड़ेगा जिससे भारी वाहनों को शहर से बाहर रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्गों की ओर डायवर्ट किया जा सकेगा।

दूसरी रोड – जोरा (एनएच-53) से मोवा-विधानसभा (एनएच-130बी) तक

दूसरा मार्ग मेन रोड-43 को ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जो लभांडी से कचना, उरकुरा होते हुए भनपुरी तक बनेगी और अंत में जोरा में एनएच-53 से जुड़ेगी। इसका निर्माण दो फेज में होगा। पहले लभांडी, कचना होते हुए मोवा-विधानसभा मार्ग (एनएच-130बी) को जोड़ेगा। पूर्व में बनी सड़क का चौड़ा करना व नई के लिए ज़मीन इकठ्ठा करने का प्रावधान भी रखा गया है।

ये रास्ता रायपुर के लभांडीह, कचना, शंकर नगर, मोवा, सड्दू, दलदल सिवनी, डब्ल्यूआरएस, भनपुरी, उरकुरा क्षेत्र को तीनो नेशनल हाइवे से जोड़ेगा व यातायात सुगम बनायेगा। इस मार्ग में लभांडी रेलवे क्रासिंग पर 63.30 करोड़ की लागत से रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है। प्रस्तावित चौड़ाई 20 मीटर है, हालांकि स्वीकृत चौड़ाई 45 मीटर है।

इस योजना के पूर्ण हो जाने के बाद रायपुर के प्रमुख क्षेत्र लभांडी, कचना, शंकर नगर, मोवा, सड्दू, दलदल सिवनी, डब्ल्यूआरएस, भनपुरी और उरकुरा को नेशनल हाइवे 30, 53 और 130बी से जोड़ेगी जिससे ट्रैफिक की समस्या से राहत रहेगी। शहर की सड़कों पर ज़्यादा दबाव नहीं पड़ेगा, जिससे भीड़ नहीं उमड़ेगी और एक्सीडेंट की संख्या कम होगी।
नई लिंक रोड बनाने के साथ साथ पुरानी सड़कों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण करने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है। जिससे आवाजाही मेंदिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।