सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शनकारियों को दी बड़ी राहत: नाबालिगों की तुरंत रिहाई का आदेश

उच्चतम न्यायालय ने नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों पर अहम टिप्पणी करते हुए प्रदर्शनकारियों के पक्ष में अंतरिम राहत दी है।

कोर्ट ने कहा कि छात्रों द्वारा किया गया प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और संवैधानिक रूप से शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार किसी भी स्थिति में छीना नहीं जा सकता। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि 18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को फौरन रिहा कर दिया जाए, जिन पर कोई आपराधिक पूर्ववृत्त न हो।

कोर्ट की प्रमुख बातें

  • शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान केवल प्रदर्शन के आधार पर अत्यधिक बल का इस्तेमाल उचित नहीं माना जा सकता।
  • यदि पुलिस या सुरक्षा बलों की ओर से कोई ज्यादती हुई है तो उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है।
  • कोर्ट ने संकेत दिया कि इस मामले में SIT या उच्च स्तरीय समिति गठित कर पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा सकती है।

साथ ही, अदालत ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कोई सख्त या दंडात्मक कार्रवाई न करने और उनके व्यक्तिगत डेटा को सार्वजनिक न करने का भी निर्देश दिया। सभी संबंधित रिकॉर्ड जैसे सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो और कम्युनिकेशन लॉग्स को सुरक्षित रखने को कहा गया है।