उज्जैन में निकली बाबा महाकाल की भव्य सवारी: लाखों भक्तों ने किए दर्शन, सीएम यादव ने दुबई से दी शुभकामनाएं

14 जुलाई को बाबा महाकाल की पारंपरिक और भव्य सवारी अत्यंत धूमधाम से निकली। सावन के पहले सोमवार के पावन अवसर पर निकली इस सवारी में पाँच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें से लगभग ढाई लाख भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रदेश के पाँच मंत्रियों ने भी सहभागिता की।

बाबा महाकाल की सवारी का ऐतिहासिक लाइव प्रसारण

यह पहला अवसर था जब बाबा महाकाल की सवारी का जनसंपर्क विभाग सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सीधा प्रसारण किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उद्घोष लगातार गूंजता रहा, जिसने भक्तों के उत्साह को और बढ़ाया। इस बीच, दुबई यात्रा पर गए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेशवासियों को सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और बाबा महाकाल से प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने जताई प्रसन्नता और नए आयामों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर बाबा महाकाल के चरणों में नमन और वंदन करते हुए अतीव प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सावन का पहला सोमवार और बाबा महाकाल की सवारी हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने बताया कि बाबा महाकाल वर्ष में एक बार अपने भक्तों का हालचाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी घोषणा की कि इस बार की सवारी में “लघु मध्य प्रदेश” के दर्शन होंगे। हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि बाबा महाकाल अपनी यात्रा में प्रदेश के मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, धार, झाबुआ और छिंदवाड़ा जिलों के जनजातीय भाई-बहनों द्वारा उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक वाद्य-यंत्रों के साथ निकलेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अब से हर सावन सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रीगण भी बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होकर प्रदेश की खुशहाली के लिए आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

सवारी में शामिल हुए मंत्रीगण, सीएम ने उज्जैन की गरिमा बढ़ने की बात कही

डॉ. मोहन यादव ने बताया कि सोमवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल सहित अन्य मंत्रीगण भी बाबा की सवारी में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेद व्यक्त किया कि दुबई प्रवास पर होने के कारण वे स्वयं बाबा की सवारी के दर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बाबा की यह धार्मिक यात्रा उज्जैन की गरिमा और प्रतिष्ठा को और अधिक बढ़ाएगी।