भारत और रूस के रिश्तों को लेकर अमेरिका बौखलाया हुआ है। ट्रंप लगातार भारत पर रूस से व्यापार रोकने का दबाव बना रहे हैं, अब उनके सलाहकार ने भी भारत को घुड़की दी है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ आॅफ स्टाफ ने भारत पर रूस को युद्द में मदद करने का आरोप लगाते हुए 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है। गौरतलब है कि अमेरिकी टैरिफ 7 अगस्त से लागू होने वाले हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक करीबी सलाहकार ने भारत को लेकर तंज कसा है। उसने कहा है कि भारत को रूस से तेल खरीदना बंद कर देना चाहिए। द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के सहयोगी स्टीफन मिलर ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत, रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन में युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। यहां तक की भारत को 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी भी मिली है।
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ आॅफ स्टाफ और अमेरिकी राष्ट्रपति के सबसे प्रभावशाली सहयोगियों में से एक, स्टीफन मिलर ने कहा, ट्रंप ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत का रूस से तेल खरीदकर युद्ध को फंड करना स्वीकार्य नहीं है। मिलर ने कहा, लोग यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि रूसी तेल खरीदने में भारत, चीन के साथ जुड़ा हुआ है। यह भी हैरान करने वाला है। हालांकि रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका की धमकियों के बावजूद भारत मॉस्को से तेल खरीदना जारी रखेगा। वहीं यह भी दावा किया गया है कि अगर भारत ने ट्रंप की बात नहीं मानी तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच अभी तक ट्रेड डील फाइनल नहीं हो पायी है। इस बीच ट्रंप ने भारत पर दबाव बढ़ाने के लिए 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। यह 7 अगस्त से लागू होगा। अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि और डेयरी सेक्टर में रियायत दे और इसको लेकर समझौते पर हस्ताक्षर करे। लेकिन भारत इसको लेकर तैयार नहीं है।
मोदी-ट्रंप का रिश्ता जबरदस्त रहा, लेकिन हमें वास्तविक होने की जरूरत
इंडो-पैसिफिक में भारत संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख साझेदारों में से एक है। ट्रंप प्रशासन की तरफ से भारत के लिए की गई आलोचनाओं में मिलर की यह आलोचना अब तक की सबसे कड़ी थी। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप एक जबरदस्त रिश्ता चाहते हैं और भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनका हमेशा जबरदस्त रिश्ता रहा है। लेकिन हमें इस युद्ध के वित्तपोषण से निपटने के बारे में वास्तविक होने की जरूरत है। इसलिए, राष्ट्रपति ट्रंप, यूक्रेन में चल रहे युद्ध से राजनयिक, वित्तीय और अन्यथा निपटने के लिए सभी विकल्प मेज पर हैं, ताकि हम शांति हासिल कर सकें।