ईडी ने अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े ₹17,000 करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में शुरू की सख्ती, बैंकों से मांगी विस्तृत जानकारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। यह मामला ₹17,000 करोड़ के लोन फ्रॉड से संबंधित है, जिसमें कई प्रमुख बैंक शामिल हैं। ईडी ने इस मामले में 12-13 बैंकों के प्रबंधन को पत्र लिखकर अनिल अंबानी समूह को दिए गए ऋणों का पूरा विवरण मांगा है, जो बाद में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में बदल गए थे।

बैंकों के अधिकारियों पर जांच की आंच

ईडी सूत्रों के मुताबिक, यदि बैंकों द्वारा दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं हुए, तो संबंधित अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। यह कदम ईडी की ओर से जांच को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मामले में, ईडी ने अनिल अंबानी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया है और उन्हें 5 अगस्त को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है। यह पूरा मामला रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस से जुड़े ऋणों से संबंधित है।

फर्जी बैंक गारंटी का खुलासा

जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें अनिल अंबानी की कंपनियों ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) को ₹68.2 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी दी थी। यह गारंटी रिलायंस एनयू बीईएसएस लिमिटेड और महाराष्ट्र एनर्जी जनरेशन लिमिटेड के नाम पर दी गई थी, जो अंबानी के एडीएजी समूह से जुड़ी हैं। ईडी का आरोप है कि इस फर्जी गारंटी को असली दिखाने के लिए “s-bi.co.in” नामक एक नकली ईमेल डोमेन का इस्तेमाल किया गया था, जो भारतीय स्टेट बैंक के असली डोमेन “sbi.co.in” से मिलता-जुलता था। ईडी ने नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनआईएक्सआई) से इस फर्जी डोमेन की पंजीकरण जानकारी भी मांगी है।

आगे की जांच

ईडी ने भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक जैसे कई बड़े बैंकों से ऋणों की मंजूरी प्रक्रिया, डिफॉल्ट की समय-सीमा और वसूली के लिए उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी मांगी है। यह जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या ऋणों का दुरुपयोग किया गया था और क्या इसमें बैंकों के अधिकारियों की कोई मिलीभगत थी। पिछले दिनों, ईडी ने मुंबई में अनिल अंबानी समूह से जुड़ी 50 कंपनियों और 25 व्यक्तियों के 35 ठिकानों पर तलाशी भी ली थी। इस मामले में अनिल अंबानी से पूछताछ के बाद और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।