India Vs England Test Series: ओवल मैदान पर खेले गए पांचवें और अंतिम टेस्ट में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के जबड़े से जीत छीन ली और मुकाबला ड्रॉ कराने में सफल रहा। यह मैच निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका था, जहां इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रनों की दरकार थी। टीम ने एक समय यह लक्ष्य पाने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा दिए थे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम दिन कमाल की गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
रूट और ब्रूक की साझेदारी ने बढ़ाई भारत की चिंता
चौथी पारी में इंग्लैंड की ओर से जो रूट और हैरी ब्रूक ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। दोनों के बीच हुई 195 रनों की साझेदारी ने भारत को मुश्किल में डाल दिया था और ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से यह मुकाबला जीत लेगा। लेकिन मैच का रुख उस समय बदल गया जब तेज गेंदबाज आकाशदीप ने हैरी ब्रूक को चलता किया। इस विकेट ने भारत को वापसी का रास्ता दिखा दिया।
प्रसिद्ध कृष्णा और सिराज ने दिलाई राहत
ब्रूक के आउट होने के कुछ देर बाद ही प्रसिद्ध कृष्णा ने जो रूट को पवेलियन भेजकर भारत को राहत की सांस दी। इसके बाद मुकाबला संतुलन में आ गया। चौथे दिन जब रोशनी खराब होने के कारण खेल रोका गया और फिर बारिश की वजह से स्टंप्स की घोषणा हो गई, तब इंग्लैंड का स्कोर छह विकेट पर 339 रन था।
अंतिम दिन भारतीय गेंदबाजों का कहर
पांचवें दिन भारत ने पूरी मजबूती से मैदान में कदम रखा। शुरुआत में ही मोहम्मद सिराज ने विकेटकीपर ध्रुव जुरैल की मदद से जेमी स्मिथ को आउट कर भारत की वापसी की उम्मीदें जगा दीं। इसके बाद सिराज ने जेमी ओवरटन को भी पवेलियन की राह दिखा दी।
प्रसिद्ध कृष्णा ने फिर जोश टंग को बोल्ड कर इंग्लैंड का नौवां विकेट गिराया और भारतीय खेमे में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। आखिरी विकेट के लिए क्रिस वोक्स हाथ में चोट के बावजूद बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन गस एटकिंसन ज्यादा देर तक टिक नहीं सके। सिराज ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर इंग्लैंड की पारी का अंत कर दिया और मुकाबला बराबरी पर खत्म हो गया।
गेंदबाजों ने दिखाया जज़्बा, भारत ने बचाई सीरीज
इस मुकाबले में भारत की ओर से तेज गेंदबाजों ने अंत तक दमदार प्रदर्शन किया। जहां रूट और ब्रूक की साझेदारी ने भारत को संकट में डाला, वहीं आकाशदीप, सिराज और कृष्णा की तिकड़ी ने इंग्लैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
आखिरकार, यह टेस्ट मुकाबला ड्रा पर खत्म हुआ और भारत ने इंग्लैंड को ऐतिहासिक पल का जश्न मनाने से रोक दिया। इस परिणाम ने सीरीज को संतुलन में ला दिया और भारतीय टीम के जुझारूपन को फिर एक बार साबित किया।