राजधानी में तीन महीने का राशन हितग्राहियों को बांटा जा रहा है। यह राशन हितग्राहियों को मिल रहा है कि नहीं, अब इसकी पड़ताल होगी। रेंडमली दुकानों की जांच कर हितग्राहियों से भी पूछताछ होगी। दरअसल, यह प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही खुले बाजार में पीडीएस के चावल बेचने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इन खुलासों के बाद विभाग यह जानकारी जुटाएगा कि हितग्राहियों को जारी किया गया राशन मिला है कि नहीं। सूत्रों की मानें तो विभाग को शिकायत मिली है कि कई दुकानों में तीन महीने के हस्ताक्षर कराकर एक महीने का राशन हितग्राहियों को थमाया गया है। ऐसे में इस संबंध में जल्द ही अभियान चलाकर जांच-पड़ताल की जाएगी।
65 हजार की नहीं हुई केवायसी
जिले में 65 हजार से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो पिछले 3 महीने से पीडीएस दुकान पर राशन लेने नहीं पहुंचे हैं। ऐसे कार्डधारियों की जांच के बाद बीपीएल कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। डोर टू डोर वेरीफिकेशन में 10 हजार लोगों की केवायसी की गई है। अब 65 हजार हितग्राही शेष बचे हैं। अफसरों ने बताया कि सरकारी सिस्टम में बीपीएल सूची में दर्ज लोगों के नाम, पते का आॅडिट कराया जा रहा है।
कई जगह सामने आई गड़बड़ी
सरकार के द्वारा जून, जुलाई और अगस्त महीने का राशन एकमुश्त दिया जा रहा है। हालांकि इसके शुरू होने के साथ ही गड़बड़ियां भी सामने आने लगी। सबसे पहले दुकान नंबर 248 में गड़बड़ी सामने आई थी। सेल्समेन रवि जाटव पर आरोप था कि उसने राशन सीधे बाजार में बेच दिया। इसका वीडियो वायरल हुआ था। फिर, करोंद के पास स्थित महालक्ष्मी ग्रेन मर्चेंट के यहां से 30 क्विंटल फोर्टिफाइड पीडीएस का राशन मिला था। तीसरी कार्रवाई, बैरागढ़ स्थित राजकुमार ट्रेडर्स के यहां 393 क्विंटल चावल जब्त किया गया था। हाल ही में बैरसिया स्थित नजीराबाद में कार्रवाई करते हुए 45 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल जब्त हुआ।