उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में साल 2025 के मानसून की अब तक की सबसे भयावह त्रासदी सामने आई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश अब कहर बनकर टूट रही है। इसी क्रम में उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र के पास बादल फटने की भयंकर घटना ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, 100 से ज़्यादा लोग अब भी घटनास्थल पर फंसे हुए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), जिला प्रशासन, सेना के आपदा राहत दल और राजस्व विभाग की टीमें तुरंत मौके पर रवाना हुईं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जबकि स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
This afternoon a massive cloudburst resulting in this flood washing away buildings & lives in Uttarkashi.
— Adil Nargolwala (@adilnargolwala) August 5, 2025
Prayers for minimal losses to life & homes of all those affected.
We don’t learn…even after disaster on disaster we continue to encroach on nature#uttarkashicloudburst pic.twitter.com/CtI23m88YH
बादल फटने की यह घटना खीर गाड़ क्षेत्र में हुई, जहां अचानक आए मलबे और पानी के सैलाब ने कस्बे के कई हिस्सों में भारी तबाही मचा दी। कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, और स्थानीय लोगों के अनुसार जलधारा के साथ बहकर आया मलबा इतना तेज था कि संभलने का मौका तक नहीं मिला।
गंगोत्री धाम के मार्ग पर स्थित धराली कस्बा इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। खीर गंगा नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने यहां के पांच होटल पूरी तरह तबाह कर दिए। माना जा रहा है कि इन होटलों के मलबे के नीचे 10 से 12 मजदूर दबे हो सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि खीर गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में कहीं बादल फटा, जिससे अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर बहता चला आया।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पुष्टि की है कि जिस स्थान पर यह भीषण आपदा हुई है, वहां कई होटल और रेस्टोरेंट मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में कुछ पर्यटक भी फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए आसपास के इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना बेहद पीड़ादायक और दुखद है। उन्होंने जानकारी दी कि SDRF, NDRF, जिला प्रशासन समेत सभी संबंधित एजेंसियां मौके पर राहत और बचाव के काम में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और हालात पर करीबी नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने ईश्वर से सभी की सुरक्षा की प्रार्थना की है।
जिला प्रशासन ने आपात स्थिति को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि लोग अपने परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। प्रशासन द्वारा 01374-222126, 01374-222722 और 9456556431 नंबरों पर संपर्क करने की अपील की गई है।
उत्तरकाशी की यह त्रासदी एक बार फिर यह दर्शाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र में मानसून के दौरान विशेष सतर्कता की आवश्यकता होती है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की खोजबीन करने की है।