Opposition march against Election Commission: बिहार में चुनाव आयोग के खिलाफ उठी नाराज़गी अब राष्ट्रीय स्तर पर गूंजने लगी है। राजधानी दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह विरोध मार्च संसद के मकर द्वार से शुरू होकर सीधे चुनाव आयोग के मुख्यालय तक ले जाया जा रहा है, जिसमें इंडी गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पुलिस हिरासत में
मार्च की शुरुआत होते ही माहौल गरमा गया। इस दौरान कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव और बढ़ गया।
#WATCH | Delhi: Police detains INDIA bloc MPs, including Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi, Sanjay Raut, and Sagarika Ghose, among others, who were protesting against the SIR and staged a march from Parliament to the Election Commission of India. pic.twitter.com/9pfRxTNS49
— ANI (@ANI) August 11, 2025
अखिलेश यादव ने तोड़ी बैरिकेडिंग
मार्च के मार्ग पर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगा दी थी। लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन बैरिकेडिंग को लांघते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
#WATCH | Delhi: Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav jumps over a police barricade as Delhi Police stops INDIA bloc leaders marching from the Parliament to the Election Commission of India to protest against the Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls in poll-bound… pic.twitter.com/X8YV4mQ28P
— ANI (@ANI) August 11, 2025
विरोध की वजह क्या है?
विपक्ष का आरोप है कि बिहार में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसके अलावा, 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यह कदम लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सीधा हमला है।
कौन-कौन नेता हैं मार्च में शामिल?
संसद के मकर द्वार पर जुटे नेताओं में कांग्रेस के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव सहित इंडी गठबंधन से जुड़े कई बड़े नाम शामिल रहे। विपक्षी दलों के ज्यादातर सांसद इस प्रदर्शन का हिस्सा बने, जिससे इस विरोध मार्च की राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।
मार्ग और दूरी
यह मार्च संसद के मकर द्वार से निकलकर रायसेना रोड और कर्तव्य पथ होते हुए पंडित पंत मार्ग पर स्थित निर्वाचन सदन तक जाएगा। संसद और चुनाव आयोग के मुख्यालय के बीच की दूरी लगभग डेढ़ किलोमीटर है, जिसे विपक्षी नेता पैदल तय कर रहे हैं। अगर आप चाहें तो मैं इस लेख के लिए SEO-अनुकूल शीर्षक और मेटा विवरण भी तैयार कर सकता हूँ ताकि यह वेब पब्लिशिंग के लिए तुरंत तैयार हो जाए।