दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर हुए हमले के बाद बड़ा अपडेट: गृह मंत्रालय ने दी ‘Z-श्रेणी’ की सुरक्षा, अब CRPF करेगी हिफाजत; सांसदों ने मिलकर जाना हाल

Big update after the attack on Delhi CM Rekha Gupta: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के बाद उनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर नए अपडेट सामने आए हैं. गुरुवार को दिल्ली के सातों लोकसभा सांसदों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसकी पहली तस्वीर भी सामने आई है.

सांसदों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. मुलाकात के बाद, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि दिल्ली के लोग निश्चिंत रहें क्योंकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बहादुर हैं और उनका मनोबल ऊंचा है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा की तरह लोगों से मिलती रहेंगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

जन सुनवाई जारी रहेगी और आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बताया कि इस हमले का सीएम के मनोबल पर कोई असर नहीं पड़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि जन सुनवाई अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी. वह अगले बुधवार को लोगों से दोबारा मिलेंगी और शुक्रवार से काम पर वापस लौट आएंगी.

सीएम को मिली ‘Z-श्रेणी’ की सुरक्षा

इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को ‘Z-श्रेणी’ की वीआईपी सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया है. अब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ (CRPF) के विशेष वीआईपी सुरक्षा समूह के पास होगी, जो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और गांधी परिवार की सुरक्षा भी करता है.

गृह मंत्रालय के निर्देश पर, सीआरपीएफ ने तुरंत मुख्यमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है. उनकी सुरक्षा के लिए 22-25 सशस्त्र कमांडो की एक टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी. इसके अलावा, सुरक्षा में नए बदलाव भी किए जाएंगे, जिसमें उनके आवास पर आने-जाने वालों की निगरानी, सुरक्षा उपकरणों की तैनाती और सार्वजनिक कार्यक्रमों में महिला और पुरुष पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) के साथ क्लोज प्रॉक्सिमिटी सुरक्षा शामिल है.

सीआरपीएफ कई अन्य हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों को भी सुरक्षा देती है, जिनमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कई राज्यों के राज्यपाल शामिल हैं. केंद्रीय सुरक्षा के तहत, वीआईपी सुरक्षा कवर का स्तर ‘Z प्लस (ASL)’ से शुरू होकर ‘Z’, ‘Y प्लस’, ‘Y’ और ‘X’ तक होता है.

यह हमला बुधवार सुबह सिविल लाइंस क्षेत्र में मुख्यमंत्री के जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान हुआ था. मुख्यमंत्री के कार्यालय ने इसे हत्या की कोशिश और एक “सोची-समझी साजिश” बताया है.