पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने शनिवार को पीएम श्री नवोदय विद्यालय पेखूबेला में बच्चों को संबोधित करते हुए एक विवादित बयान दिया, जिसके बाद विपक्ष ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
अनुराग ठाकुर का बयान और विवाद
अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अनुराग ठाकुर ने बच्चों से सवाल किया कि अंतरिक्ष में जाने वाला पहला व्यक्ति कौन था। जब बच्चों ने जवाब में नील आर्मस्ट्रांग का नाम लिया, तो ठाकुर ने कहा, “मुझे लगता है कि अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले व्यक्ति हनुमान जी थे।” उनके इस बयान पर अब राजनीतिक गलियारों में विवाद खड़ा हो गया है।
Can you believe this? He is a member of Parliament & BJP leader 🤦
— D (@Deb_livnletliv) August 24, 2025
Anurag Thakur : Who was the first person to travel to space?
Students: Neil Armstrong
Anurag Thakur : No, it's Hanuman.
No wonder they are busy closing schools and changing textbooks.pic.twitter.com/mR9z3UZvDb
ज्ञान परंपराओं को बढ़ावा देने की अपील
हिमाचल प्रदेश के ऊना में आयोजित इस कार्यक्रम में अनुराग ठाकुर ने अपने बयान के पीछे तर्क देते हुए कहा कि ज्ञान को केवल अंग्रेजों द्वारा दी गई पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया कि वे बच्चों को भारतीय वेदों और हमारी ज्ञान परंपराओं से भी परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को अपनी समृद्ध संस्कृति और ज्ञान को समझने का मौका मिलेगा।
डीएमके ने लगाया गुमराह करने का आरोप
अनुराग ठाकुर के इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डीएमके सांसद कनिमोझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “एक सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री द्वारा बच्चों से यह कहना कि चाँद पर सबसे पहले नील आर्मस्ट्रांग नहीं, बल्कि हनुमान ने कदम रखा था, बेहद परेशान करने वाला है। विज्ञान कोई पौराणिक कथा नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि कक्षाओं में युवाओं को गुमराह करना ज्ञान, तर्क और हमारे संविधान में निहित वैज्ञानिक सोच का अपमान है।
भारत के अंतरिक्ष मिशन का उल्लेख
इसी कार्यक्रम में अनुराग ठाकुर ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की हालिया उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने 2023 में चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग का जिक्र करते हुए पीएम मोदी की भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना है और 2040 तक चंद्रमा पर मानवयुक्त मिशन भेजना है।