गोंडा (उत्तर प्रदेश): जिले की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) रश्मि वर्मा इन दिनों अपने एक विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वे कहते हुए सुनी गईं— “एक बच्चा मर गया तो क्या हुआ, सब आ गए, हजारों जिंदा हैं, लड्डू खाने जाइए।” इस बयान से जनता में भारी आक्रोश पैदा कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इसे असंवेदनशील टिप्पणी बताते हुए कड़ी निंदा की है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी से इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान की उम्मीद नहीं थी।
विवाद बढ़ता देख सीएमओ रश्मि वर्मा ने अपने बयान पर खेद जताते हुए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है और वे इस पर अफसोस जाहिर करती हैं।
घटना पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने रिपोर्ट मांगी है। वहीं, विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है कि सीएमओ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल के दिनों में बच्चों और मरीजों की मौत से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिन पर सरकार की आलोचना हो रही है। इस बीच सीएमओ का यह बयान सरकार और स्वास्थ्य महकमे की छवि को और नुकसान पहुंचा सकता है।
फिलहाल, मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है और आने वाले दिनों में इस पर बड़ा कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।