भोपाल: भोपाल में इस बार पहली बार ऐसा हुआ जब पीडब्ल्यूडी ने लगातार हो रही बारिश के दौरान ही प्रमुख सड़कों की मरम्मत का काम कर दिया। विभाग का कहना है कि करीब 180 किलोमीटर लंबाई तक फैली सड़कों को सुधार लिया गया है। लिंक रोड नंबर-1 और 2 समेत 10 से ज्यादा प्रमुख मार्गों पर व्हाइट टॉपिंग टेक्निक का इस्तेमाल किया गया। इस काम से रोजाना लाखों लोगों को धूल और गड्ढों से कुछ हद तक राहत मिली है।
हालांकि मुख्य सड़कों पर सुधार कार्य होने के बावजूद कॉलोनियों और पुराने शहर की गलियों की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। यहां पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और जलभराव की वजह से सड़कें गायब हो चुकी हैं। ऐशबाग जैसे इलाकों में तो लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। 10 सितंबर को स्थानीय लोगों ने सड़क पर बने बड़े गड्ढे के बीच केक काटकर नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई थी।
व्हाइट टॉपिंग टेक्निक से उम्मीदें
पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने बताया कि व्हाइट टॉपिंग टेक्निक में पुरानी डामर की परत हटाकर 6 से 8 इंच मोटी कंक्रीट की परत बिछाई जाती है। इससे सड़कें ज्यादा टिकाऊ हो जाती हैं और बारिश या भारी ट्रैफिक के बाद भी जल्दी नहीं उखड़तीं। उन्होंने कहा कि बारिश का दौर खत्म होने के बाद उन हिस्सों पर भी सीमेंट-कंक्रीट का काम होगा, जहां जलभराव सबसे ज्यादा होता है। विभाग ने 30 सड़कों की पहचान की है जहां पर जलभराव होता है। इन पर करीब 6 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
बारिश में बार-बार बिगड़ी सड़कें
अधिकारियों के मुताबिक इस मानसून में कई बार सड़कों की ऊपरी सतह उखड़ गई थी। जैसे ही बारिश थमती, सड़क पर धूल उड़ने लगती और लोग परेशान हो जाते। इसके बाद सफाई कराकर तुरंत ही सीमेंट-कंक्रीट की परत डाली गई या पेवर ब्लॉक बिछाए गए। करोंद मंडी, बीजेपी ऑफिस के पास और 10 नंबर मार्केट जैसे क्षेत्रों में फिलहाल पेवर ब्लॉक से अस्थायी मरम्मत की गई है।
निगम की लापरवाही पर जनता नाराज
जहां पीडब्ल्यूडी ने मुख्य मार्गों को संभालने की कोशिश की है, वहीं नगर निगम की जिम्मेदारी वाली कॉलोनियों की सड़कों की हालत दयनीय है। पुराने शहर के ऐशबाग, अशोका गार्डन, बरखेड़ी, पुल बोगदा से लेकर नए इलाकों जैसे रत्नागिरी, सोनागिरी, आनंद नगर और दानिशकुंज तक, लगभग हर मोहल्ले की सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं।
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला का कहना है कि ऐशबाग और आसपास के इलाके में करीब डेढ़ लाख की आबादी रहती है। यहां रोजाना हजारों लोग आवाजाही करते हैं। यही पर ऐशबाग थाना और अंतरराष्ट्रीय ऐशबाग स्टेडियम भी स्थित है, लेकिन पिछले दस साल से सड़क का बुरा हाल है। बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं, पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है।
लोगों का कहना है कि राजधानी भोपाल की सड़कों का हाल बेहद चिंताजनक है। शहर में शायद ही कोई ऐसी सड़क बची है जहां गड्ढे, जलभराव और ट्रैफिक जाम न हो। एक ओर पीडब्ल्यूडी अपनी सड़कों की मरम्मत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कॉलोनियों की उपेक्षा ने नागरिकों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। त्योहारों के सीजन में खराब सड़कों ने आमजन के लिए दिक्कतें और बढ़ा दी हैं।