इंदौर: इंदौर में सोमवार देर रात रानीपुरा क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। रात करीब 9:15 बजे अचानक तीन मंजिला मकान गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में 20 वर्षीय युवती अल्फिया और फहीम की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। घायलों में तीन महीने की बच्ची भी शामिल है। चार घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने जानकारी दी कि रात लगभग डेढ़ बजे मलबे से अल्फिया का शव निकाला गया, जबकि फहीम का शव सुबह करीब 4 बजे बरामद हुआ। बताया गया कि मकान 10-15 साल पुराना था और सम्मू बाबा नामक व्यक्ति का था। इसमें चार परिवार रहते थे। हादसे के समय 9 लोग किसी रिश्तेदार के घर गए हुए थे, जबकि 14 लोग मलबे में दब गए थे।
बारिश से कमजोर हुई बिल्डिंग
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश से मकान की दीवारों में दरारें आ गई थीं। तलघर में हमेशा पानी भरा रहता था, जिससे नींव कमजोर हो गई थी। यही कारण रहा कि अचानक पूरी बिल्डिंग भरभराकर गिर गई।
हादसे की खबर मिलते ही कलेक्टर शिवम वर्मा, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, नगर निगम अधिकारी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और भाजपा विधायक गोलू शुक्ला मौके पर पहुंचे। मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई थी, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए बिजली कंपनी ने क्षेत्र की सप्लाई बंद कर दी और बिजली के तार काट दिए गए। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गईं। रातभर चले अभियान में लोगों को निकालकर अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुराने और जर्जर मकानों की समय पर जांच न होने से यह दुर्घटना हुई। लोग प्रशासन से ऐसे भवनों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।