1xBet अवैध सट्टेबाजी ऐप केस: ईडी की जांच तेज़, आज सोनू सूद से पूछताछ संभव

नई दिल्ली: अवैध सट्टेबाजी ऐप 1xBet मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच का दायरा और तेज़ कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी आज बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद से पूछताछ कर सकती है। यह पूछताछ इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या उन्होंने सीधे या परोक्ष रूप से ऐप का प्रचार किया था और इस प्रक्रिया में उन्हें किस तरह का भुगतान किया गया।

युवराज सिंह से हुई थी लंबी पूछताछ

इससे पहले कल, ईडी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह से कई घंटों तक पूछताछ की। युवराज से एजेंसी ने यह जानने की कोशिश की कि उनके और 1xBet ऐप के बीच किस तरह का व्यावसायिक करार हुआ था और इसके एवज में उन्हें कितनी राशि दी गई थी।

ईडी की इस जांच में अब तक कई बड़े नाम सामने आ चुके हैं।

क्रिकेटर शिखर धवन, सुरेश रैना और रॉबिन उथप्पा से पहले ही सवाल-जवाब हो चुके हैं। इसके अलावा, बॉलीवुड और टीवी जगत की कुछ अभिनेत्रियों से भी एजेंसी पूछताछ कर चुकी है। ईडी को शक है कि इन सेलिब्रिटीज ने ऐप के प्रचार और विज्ञापन में हिस्सा लिया, जिससे अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी को अप्रत्यक्ष बढ़ावा मिला।

5,000 करोड़ रुपये का हवाला रैकेट

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ ऑनलाइन सट्टेबाजी तक सीमित नहीं है। ईडी को मिले शुरुआती सबूतों से संकेत मिलता है कि 1xBet का नेटवर्क 5,000 करोड़ रुपये के हवाला रैकेट से जुड़ा हुआ है। ऐप के जरिए की गई लेन-देन को छुपाने के लिए जटिल पेमेंट चैनल और फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी को यह भी संदेह है कि विदेशों में बैठे कुछ सिंडिकेट्स इस नेटवर्क से जुड़े हैं, जो पैसों को ऑफशोर अकाउंट्स में ट्रांसफर कर रहे थे।

 ईडी की जांच का फोकस

इस केस में ईडी का मुख्य ध्यान कौन-कौन ऐप के प्रचार में शामिल थे और उनकी सहभागिता कितनी गहरी थी। प्रचार के बदले में भुगतान किस माध्यम से हुआ, क्या उसमें हवाला या मनी-लॉन्ड्रिंग की भूमिका  क्या यह पूरा नेटवर्क विदेशी सट्टेबाजी सिंडिकेट्स से जुड़ा है।

कानूनी दायरा और सख्ती

जांच एजेंसियों का कहना है कि अगर यह साबित होता है कि किसी भी हस्ती ने जानते-बूझते अवैध सट्टेबाजी ऐप का प्रचार किया, तो उन पर मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट और फेमा (FEMA) के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, टैक्स चोरी और फर्जीवाड़े के मामलों में भी कार्रवाई संभव है।

ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों को नोटिस भेजे जा सकते हैं। मामला अब केवल एंटरटेनमेंट और खेल जगत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके धागे वित्तीय संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय पेमेंट गेटवे तक जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।

 यह केस न सिर्फ ऑनलाइन सट्टेबाजी की गहराई उजागर कर रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि कैसे हवाला और मनी-लॉन्ड्रिंग के जरिए काले धन को सफेद किया जाता है।