नई दिल्ली: श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट, दिल्ली के पूर्व चीफ स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर 17 छात्राओं के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। छात्राओं ने बताया कि आरोपी उन पर अश्लील बातें करने, गंदे मैसेज भेजने और जबरन छूने की कोशिश करता था। पीड़ित छात्राएं संस्थान में EWS स्कॉलरशिप के तहत PGDM कोर्स कर रही थीं।
4 अगस्त को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में BNS की धारा 75(2), 79, 351(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी तब से फरार है। पुलिस जांच में उसकी लोकेशन यूपी के आगरा में मिली है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई ठिकानों पर छापेमारी की है।
छात्राओं के बयान
जांच के दौरान पुलिस ने 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए, जिनमें से 17 ने सीधे तौर पर यौन शोषण की शिकायत की। छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाली वार्डन ने उन्हें आरोपी से मिलवाया था। इसके बाद आरोपी ने बातचीत के बहाने नजदीकी बढ़ाई और लगातार दबाव डालता रहा। कई छात्राओं को उसने धमकाकर चुप रहने के लिए भी कहा।
फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट वाली कार जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस को श्री शारदा इंस्टीट्यूट के बेसमेंट से एक वॉल्वो कार मिली। कार पर 39 UN 1 की फर्जी यूनाइटेड नेशंस राजनयिक नंबर प्लेट लगी थी यह नंबर प्लेट्स केवल राजनयिकों को दी जाती हैं। पुलिस ने कार जब्त कर जांच शुरू कर दी है कि आरोपी इस तरह की फर्जी पहचान का इस्तेमाल क्यों कर रहा था।
इस पूरे मामले पर कर्नाटक के श्रृंगेरी स्थित दक्षिणाम्नॉय श्री शारदा पीठ ने बयान जारी किया।
“पीठ ने साफ कहा कि स्वामी चैतन्यानंद का आचरण और गतिविधियां अवैध और पीठ के मूल्यों के खिलाफ हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि संस्था का आरोपी से अब कोई संबंध नहीं है।”
पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की विशेष टीमें लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हैं। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला न केवल छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि फर्जी पहचान और धोखाधड़ी का भी बड़ा मामला हो सकता है।