BMC नई बिल्डिंग : 22 करोड़ थी लागत अब तक खपाए 42 करोड़, फिर भी अधूरी

लेटलतीफी के चलते निर्माण कार्य नहीं होने से लोग परेशान

भोपाल: सरकारी काम में लेटलतीफी के चलते सालों बाद भी निर्माण कार्य नहीं होने से जहां लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल पाती है। वहीं डेडलाइन बढ़ने के साथ ही इसकी लागत भी बढ़ जाती है। ये हाल तब है जब 22 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले निगम मुख्यालय भवन की लागत इसकी डेड लाइन के साथ बढ़ती गई। अब तक 42 करोड़ की रकम ठिकाने लग चुकी है। जबकि इसे पूरी तरह से कंप्लीट करने में पांच करोड़ रुपए की और जरूरत बताई जा रही है।

भवन की लाइट फिटिंग, एसटीपी अधूर

नए मुख्यालय भवन में महापौर और अध्यक्ष के केबिन पहली मंजिल पर बनाए गए हैं। इसमें फर्नीचर का काम अंतिम चरण में चल रहा है। इसी फ्लोर पर कमिश्नर का केबिन है। लेकिन कमिश्नर के केबिन में फर्नीचर का काम शुरू ही नहीं हुआ। वहीं मुख्यालय भवन के बाहर बनी पार्किंग के शेड पर सोलर पैनल लगाए जाने हैं। मुख्यालय भवन के अंदर लगने वाले दफ्तरों की रैक बनाने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। भवन की लाइट फिटिंग, एसटीपी अधूरे हैं। गौरतलब है कि लिंक रोड नंबर 2 के पास नगर निगम मुख्यालय भवन बनकर तैयार है। लेकिन इस हालत में अभी नहीं है कि यहां हाल-फिलहाल शिफ्टिंग की जा सके। यहां अभी फर्नीचर का काम चल रहा है।

अधिकारियों की मिलीभगत, बढ़ाते गए लागत

अप्रैल 2025 में एक बार फिर नगर निगम के नए मुख्यालय भवन की कॉस्ट बढ़ाई गई है। पहले मुख्यालय भवन कम्पलीट करने में 33 करोड़ रुपए खर्च हो रहे थे। इसकी कॉस्ट 6 करोड़ 47 लाख 45 हजार रुपए और बढ़ा दी गई। आर्किटेक्ट के सुझाव पर μलश डोर शटर की जगह टाटा डोर, एक्सपेंशन जॉइंट, आरसीसी, स्टील, फ्रंट एलिवेशन के लिए स्टोन वॉल लाइनिंग की जगह धौलपुर टेक्सचर, इसकी खिड़कियों में एल्युमीनियम वर्क और सिंगल ग्लास की जगह पर डोमाल सेक्शन व डबल ग्लास यूनिट लगाई जाएगी।

2022 में शुरू हुआ था निर्माण्

दरअसल लिंक रोड नंबर 2 पर सेंट मेरी स्कूल के सामने ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर नगर निगम अपना नया मुख्यालय भवन बना रहा है। फरवरी 2022 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। तब इसकी अनुमानित लागत 22 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए मानी गई। इसका वर्क ऑर्डर मेसर्स संहिता कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया। 5 महीने बाद ही जुलाई 2022 में इसकी डिजाइन सहित बेसमेंट और राफ्ट फाउंडेशन का मैनिट से सर्वे करवाया गया। मैनिट ने नए प्रस्ताव में 33 करोड़ 27 लाख 12 हजार लागत बताई।