JP हॉस्पिटल में बिजली गुल : जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाइ

राजधानी के मॉडल अस्पताल जेपी के हाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से भी बदहाल हो गए हैं। आलम यह है कि एक दिन पहले अस्पताल में बिजली गुल हो गई, जनरेटर चालू नहीं हो सका, क्योंकि उसमें डीजल नहीं था। जिसके चलते ओटी में मरीज लेटे रहे, ऑपरेशन तक नहीं हो सके। राहत की बात यह रही कि उस समय तक मरीज के शरीर पर थीरा नहीं लगा था। डॉक्टरों ने तुरंत एनेस्थिसिया का असर कम करने की प्रक्रिया शुरू की और ऑपरेशन टालने पड़े। वहीं अस्पताल पहुंचे मरीजों को इलाज नहीं मिला, और दवाओं के लिए परेशान होना पड़ा। इसमें साफ-तौर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। प्रबंधक प्रेमचंद गुप्ता को जनरेटर में डीजल न होने की जानकारी थी, इसके बाद भी उन्होंने डीजल नहीं भरवाया। इस पर सीएमएचओ और जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन प्रभारी ने प्रबंधक प्रेमचंद गुप्ता को फटकार भी लगाई है। बिजली ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी के कारण लाइट गई थी। जनरेटर चालू करने की कोशिश की, लेकिन लाइन ड्रिप हो रही थी। इसमें कुछ तकनीकी कारण भी है कि जिनकी जांच के लिए समिति बनाई गई है, रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रबंधक प्रेमचंद गुप्ता को नोटिस भी जारी किया गया है।