भोपाल: सिवनी जिले में हवाला का पैसा लूटने वाली एसडीओपी पूजा पांडे, पुलिस निरीक्षक अर्पित भैरम सहित 11 पुलिसकर्मियों और अफसरों पर डकैती, अपहरण जैसी गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इन लोगों ने कुछ दिन पहले इस वारदातों को शातिराना तरीके से अंजाम दिया था। अब इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जिसमें से पहली एफआईआर हवाला का पैसा ले जा रहे लोगों पर दर्ज हुई। जबकि दूसरी एफआईआर एसडीओपी पूजा पांडेऔर उसके साथी पुलिस अफसर एवं कर्मियों के खिलाफ दर्ज हुई। दोनों ही मामलों की जांच सिवनी की जगह पर जबलपुर पुलिस के अफसरों से करवाई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने पूजा पांडे, अर्पित भैरम सहित 5 पुलिसकर्मियों को पुलिस ने अपनी गिरμत में ले लिया है। इनमें पूछताछ की जा रही है। आईजी प्रमोेद वर्मा ने पांच लोगों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। बाकी के आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पूजा पांडे की टीम ने चैकिंग में किया कांड
सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र में 8 अक्टूबर की रात को कटनी से महाराष्ट्र के जालना जा रही एक कार में हवाला की राशि रखी होने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिस पर एसडीओपी पूजा पांडे के नेतृत्व में बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित एक टीम ने कार को रोका और उसकी चैकिंग की। पुलिस ने कार के ड्राइवर और उसके साथियों के साथ मारपीट की और उन्हें धमकाते हुए राशि का एक बड़ा हिस्सा अपने पास रख लिया। इस संबंध में 9 अक्टूबर को सिवनी एसपी को शिकायत की गई। शिकायत आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा के पास भी पहुंची। उन्होंने इस मामले में टीआई अर्पित भौरम सहित 9 लोगों को सस्पेंड कर दिया। अगले दिन डीजीपी कैलाश मकवाना ने पूजा पांडे को सस्पेंड कर दिया।
इस पूरे मामले में सोमवार का दिन खासा महत्वपूर्ण रहा। आईजी प्रमोद वर्मा सिवनी पहुंचे और उन्होंने यहां पर एसपी सुनील मेहता और एएसपी दीपक मिश्रा से मामले की पूरी जानकारी ली। इसके बाद यहां के अफसरों को कारण बताओ नोटिस भी दिए जाने की चर्चा है। रात में आईजी जबलपुर पहुंचे और उसके बाद तेजी से इस मामले पर एक्शन शुरू हुआ। हवाला के पैसों की जांच रात में ही जबलपुर क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। दूसरी ओर पुलिस अफसरों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ सिवनी जिले के थाने लखनवाड़ा थाने में डकैती, अपहरण, आपराधिक षड़यंत्र के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इसके साथ ही आरोपियों को पुलिस ने अपनी गिरμत में ले लिया।
एसपी-एएसपी पर गिर सकती है गाज
सूत्रों की मानी जाए तो सिवनी एसपी सुनील कुमार मेहता और एएसपी दीपक मिश्रा पर इस मामले में गाज गिर सकती है। दोनों ही अफसरों की भूमिका भी सवालों के घेरे में बनी हुई है। दोनों ही अफसर समय पर मॉनिटरिंग नहीं कर सके। ऐसा माना जा रहा है कि इन दोनों अफसरों की भूमिका से डीजीपी कैलाश मकवाना नाराज है। ऐसे में अब दोनों अफसरों पर भी गाज गिर सकती है। दोनों अफसरों को जिले से हटाया जा सकता है। एसपी सुनील कुमार मेहता यहां पर करीब सवा साल से पदस्थ हैं।