अयोध्या में 42 किलोमीटर लंबी 14 कोसी परिक्रमा चल रही है। प्रशासन के अनुसार, गुरुवार सुबह से ही लगभग 10 लाख श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान करने के बाद परिक्रमा कर रहे हैं। भारी बारिश के कारण कुछ रास्तों पर पानी और कीचड़ भरा हुआ है। इसके बावजूद, श्रद्धालु बिना रुके आगे बढ़ रहे हैं। वे “जय श्री राम” के नारों के बीच, पॉलीथिन, बोरे और तिरपाल ओढ़े, नंगे पांव चल रहे हैं। कभी-कभी, वे पथ की मिट्टी को अपने माथे पर लगाते हैं और हाथ जोड़कर आशीर्वाद लेते हैं। परिक्रमा को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। डॉग स्क्वॉड मार्ग की जाँच कर रहे हैं। राम मंदिर, कनक भवन और हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। दरअसल, कार्तिक मास में सनातन धर्मावलंबी चौदह कोसी और पंचकोसी परिक्रमा करते हैं।
एक दिन पहले ही चल दिए कई भक्त
इस बार परिक्रमा के शुभ मुहूर्त को लेकर असमंजस की स्थिति थी। शुभ मुहूर्त 30 अक्टूबर को सुबह 4:50 बजे है। हालाँकि, सोशल मीडिया पर परिक्रमा का शुभ मुहूर्त 29 अक्टूबर बताया गया। इस वजह से कुछ श्रद्धालुओं ने गलती से 29 अक्टूबर को सुबह 4:50 बजे परिक्रमा शुरू कर दी।