रिश्वतखोरी के मामले में डॉ. शोभना चौकसे को 4 साल की सजा

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ज़फ़र इक़बाल की अदालत ने डॉ. शोभना चौकसे और मिलन यादव को लोकायुक्त अधिनियम की धारा 7, 12, 13(1)(डी) और 13(2) के तहत चार-चार साल की कैद और कुल ₹15,000-₹15,000 जुर्माने की सजा सुनाई।

लोक अभियोजन निदेशालय के सहायक निदेशक राजकुमार नेमा ने बताया कि 6.6.2020 को आवेदक शोभा गजानन, बाबई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम के पद पर कार्यरत थीं। शोभना चौकसे ने उनका पूरा वेतन वापस लेने के बदले में ₹5,000 की मांग की। शोभना चौकसे ने शिकायतकर्ता का वेतन रोक लिया, वेतन रोकने की धमकी दी और ₹10,000 की मांग की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जहाँ लोकायुक्त ने शोभना चौकसे को दस हज़ार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। लोकायुक्त ने मामले में कार्यवाही शुरू की और न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों के साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया गया और उन्हें दंडित किया गया। शासन की ओर से मामले की पैरवी वरिष्ठ सहायक लोक अभियोजक अरुण पठारिया ने की। यह जानकारी अभियोजन कार्यालय की मीडिया प्रभारी अरुणा नागले ने दी।