जेपी अस्पताल में आधुनिक हृदय इकाई की पूरी परियोजना रद्द कर दी गई है।

राजधानी के जेपी अस्पताल में बहुप्रतीक्षित 5 मंजिला नई इमारत इस महीने की 31 तारीख को अस्पताल प्रशासन को सौंपे जाने की उम्मीद है। यह चौथी बार है जब समय सीमा तय की गई है। एक बार फिर, इमारत अधूरी रहेगी।

इस देरी का सीधा असर उन हृदय रोगियों पर पड़ेगा जिन्हें सरकारी इलाज की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जेपी अस्पताल में आधुनिक हृदय इकाई की पूरी परियोजना रद्द कर दी है।

2023 में, विभाग ने जेपी अस्पताल में 30 बिस्तरों वाली उन्नत हृदय इकाई बनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी। इसे अप्रैल 2024 तक चालू होना था। परियोजना में बार-बार देरी हुई है और इसकी लागत भी बढ़ गई है।

इस अत्यधिक देरी और लागत में वृद्धि के कारण कैथलैब परियोजना रद्द कर दी गई है।

240 बिस्तरों की सुविधा

पाँच मंजिला ज़िला अस्पताल में कुल 240 बिस्तर होंगे। ग्राउंड फ्लोर पर कुल 30 बेड होंगे। ग्राउंड फ्लोर पर एक इमरजेंसी और ट्रायल रूम भी होगा। इसके अलावा, 10 बेड वाला एक महिला इमरजेंसी वार्ड भी होगा। पुरुष वार्ड में भी 10 बेड होंगे और आइसोलेशन वार्ड में भी 10 बेड होंगे।