जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो कश्मीरी डॉक्टर समेत अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने पकड़े गए आतंकवादियों के कब्जे से कुल 2900 किलोग्राम IED बनाने की संदिग्ध सामग्री बरामद की है, जो किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश का हिस्सा हो सकता था।
दो डॉक्टर और विस्फोटक का जखीरा
इस मॉड्यूल में गिरफ्तार किए गए दो डॉक्टरों की पहचान डॉ. आदिल अहमद राथर (अनंतनाग, कश्मीर) और डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ शकील (पुलवामा, कश्मीर) के रूप में हुई है।
डॉ. आदिल अहमद राथर सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर ही यह सारा खुलासा हुआ। जम्मू-कश्मीर के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अनंतनाग में उसके लॉकर से भी एक AK-47 राइफल और अन्य हथियार बरामद हुए थे।
डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ शकी फरीदाबाद की अल-फ़लाह यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर था। पुलिस ने फरीदाबाद के धौज इलाके में उसके किराए के मकान से लगभग 360 किलोग्राम ज्वलनशील पदार्थ (जिसके अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह है), एक असॉल्ट राइफल, पिस्तौल, 20 टाइमर और वॉकी-टॉकी सेट समेत भारी मात्रा में हथियार और बम बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, मुजम्मिल ने यह कमरा केवल सामान रखने के लिए लिया था।
आतंकी संगठनों से लिंक और आगे की जाँच
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े हुए हैं। ये लोग विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे और आतंकवादी गतिविधियों के समन्वय, फंड जुटाने और साजो-सामान की व्यवस्था के लिए एन्क्रिप्टेड चैनलों का इस्तेमाल कर रहे थे।
फरीदाबाद पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है और कहा है कि यह हरियाणा पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक संयुक्त ऑपरेशन था। पुलिस की टीमें श्रीनगर, अनंतनाग, गंदेरबल, शोपियां, सहारनपुर और फरीदाबाद में लगातार छापेमारी कर रही हैं। यह भी खुलासा हुआ है कि हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान से हनुमानगढ़ (राजस्थान) के रास्ते होती थी। सूत्रों के अनुसार, अब इस आतंकी साजिश में एक महिला डॉक्टर की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
इस बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।