दिल्ली में सोमवार शाम हुए भीषण कार बम विस्फोट के बाद हताहतों की संख्या में वृद्धि हुई है। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए इस हमले में निर्दोष नागरिकों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 8 से 11 के बीच हो गया है। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसके चलते यह संख्या और बढ़ सकती है।
घटना के 12 घंटे बाद भी, राजधानी में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने मंगलवार सुबह घटनास्थल पर अपनी जांच तेज कर दी है।
हताहतों की संख्या में वृद्धि
कल शाम लगभग 6:55 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग पर खड़ी एक कार में हुए विस्फोट में पहले 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। हालांकि, देर रात तक अस्पताल के सूत्रों और बचाव दल के आकलन के बाद, यह आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 तक हो सकती है। गंभीर रूप से घायल 20 से अधिक लोगों का इलाज लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में जारी है।
गृह मंत्री का सख्त रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निर्देश मिलने के बाद, गृह मंत्री अमित शाह ने आज सुबह गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) चीफ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के साथ एक उच्च-स्तरीय आपातकालीन बैठक की। बैठक के बाद, गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर पुष्टि की कि यह एक ‘पूर्व नियोजित और जघन्य आतंकी कृत्य’ था।
गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए शीघ्र और गहन जाँच के आदेश दिए हैं। NIA को इस हमले की मुख्य जाँच सौंप दी गई है, जो यह पता लगाएगी कि विस्फोट में किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया और इसके पीछे किस आतंकी समूह का हाथ है।
सुरक्षा घेरा मजबूत
दिल्ली पुलिस ने लाल किला और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को एक बड़े सुरक्षा घेरे में बदल दिया है। किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी के सभी सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और मुंबई सहित पूरे देश में हाई अलर्ट अब भी जारी है। यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।