MP में लॉ एजुकेशन का क्रेज बढ़ा: 7 नए लॉ कॉलेजों के लिए आवेदन



मध्य प्रदेश में कानून की पढ़ाई के प्रति छात्रों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में, राज्य भर में उपलब्ध लगभग दस हजार सीटों में से छह हजार से अधिक सीटों पर पहले ही दाखिले हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश प्रवेश बड़े शहरों के प्रतिष्ठित लॉ कॉलेजों में हुए हैं। छात्रों की इस बढ़ती रुचि को देखते हुए, आगामी सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए सात नए निजी लॉ कॉलेजों ने उच्च शिक्षा विभाग में अनुमति के लिए आवेदन किया है।

उच्च शिक्षा विभाग को कुल 66 कॉलेजों से नए लॉ कॉलेज और अन्य पारंपरिक पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी होने के बाद, ये संस्थान संबंधित विश्वविद्यालयों से संबद्धता प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

निरीक्षण और गुणवत्ता सत्यापन पर जोर

विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के छह दर्जन कॉलेजों द्वारा नए संकायों के लिए किए गए आवेदनों की गहनता से जाँच की जाएगी। जाँच पूरी होने के बाद, सभी नए कॉलेजों और संकायों का संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। उदाहरण के लिए, भोपाल में, भोपाल विश्वविद्यालय सात जिलों के कॉलेजों के निरीक्षण के लिए एक विशेष समिति का गठन करेगा। निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विभाग नए सत्र में प्रवेश की अनुमति देगा। इसके अलावा, 21 कॉलेजों ने नए विषयों के लिए और 68 कॉलेजों ने नए संकाय और आठ अतिरिक्त विषय शुरू करने की अनुमति मांगी है।

निरंतरता और मानदंड का पालन

इस बीच, लगभग 677 कॉलेजों ने अगले सत्र के लिए अपनी निरंतरता बनाए रखने हेतु विभाग में आवेदन किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पिछले साल की गई सख्त कार्रवाई को देखते हुए, जिन कॉलेजों ने मापदंडों का उल्लंघन किया था, उन्हें दोबारा तभी अनुमति मिलेगी जब वे सभी निर्धारित मानदंड पूरे करेंगे। लगभग दो दर्जन कॉलेजों के आवेदन अभी तक सत्यापित नहीं हो पाए हैं, और पिछले साल मानदंड पूरा न करने पर बंद किए गए कॉलेजों ने निरंतरता के लिए आवेदन भी नहीं किया है, जिससे गुणवत्ता बनाए रखने पर विभाग का जोर स्पष्ट होता है।