रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में इन दिनों उत्तर और मध्य क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में शीतलहर का असर बरकरार है, जिसके कारण प्रदेशभर में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। मौसम विभाग ने बताया है कि इस अवधि के बाद रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मैदानी क्षेत्रों की बात करें तो दुर्ग इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बना हुआ है, जहाँ रात का तापमान 10.2°C रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 7 डिग्री कम है। राजधानी रायपुर में भी नवंबर महीने में पिछले नौ सालों में दूसरी बार रात का तापमान 13°C तक दर्ज हुआ है। पिछले 24 घंटों में, प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.8°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया है। ठंडी हवाओं के कारण बलौदाबाजार, पेंड्रा और अंबिकापुर जैसे इलाकों में सुबह-शाम लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, हालांकि सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त अलाव की व्यवस्था न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने 14 से 20 नवंबर 2025 के बीच सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में मलेरिया फैलने का अधिक खतरा होने की चेतावनी जारी की है, जिसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के पुराने आंकड़ों के अनुसार, नवंबर का महीना छत्तीसगढ़ में हमेशा से परिवर्तनशील रहा है। रिकॉर्ड बताते हैं कि 2 नवंबर 1935 को अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज किया गया था, जबकि 22 नवंबर 1883 को सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3°C दर्ज हुआ था, जिसे नवंबर माह की सबसे ठंडी रात माना जाता है।