एशियाई बाजारों में कमजोर रुख और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण निवेशकों में अनिश्चितता छाई हुई है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा।
सप्ताह के अंतिम सत्र में प्रमुख सूचकांक शुरुआत से ही दबाव में दिखे। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स लगभग 75,444 के स्तर पर खुला, जो गुरुवार के बंद स्तर 76,034 से काफी नीचे था। शुरुआती कारोबार में यह 588 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 75,446 के आसपास पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी 50 भी 23,462 पर खुला और जल्द ही 216 अंकों की कमजोरी के साथ 23,422 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार पर दबाव की मुख्य वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निरंतर बिकवाली है। इसके अलावा रुपये में डॉलर के मुकाबले आई कमजोरी ने भी स्थिति को और नकारात्मक बनाया। सेक्टोरल मोर्चे पर मेटल, आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में खासा दबाव देखा गया, जिसने सूचकांकों को नीचे खींचा।
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई ने एक बयान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने की बात दोहराई है। उन्होंने इसे दुश्मन देशों पर दबाव बनाने का रणनीतिक हथियार करार दिया। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का अहम मार्ग है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है। इसकी वजह से तेल की कीमतों में उछाल आया है, जो वैश्विक और भारतीय बाजारों में अनिश्चितता को और बढ़ा रहा है।