रतलाम के दो युवकों ने अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर कर्नाटक के मंगलुरु में कार व्यापार और रियल एस्टेट का काम करने वाले एक व्यवसायी से ऑनलाइन तरीके से 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपियों ने निवेश पर दोगुना लाभ दिलाने का प्रलोभन दिया, जिसके चलते पीड़ित उनके जाल में फंस गया।
2 करोड़ रुपये जमा करने के बाद पिछले तीन महीनों से आरोपी फोन उठा रहे थे। पीड़ित ने कर्नाटक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की टीम रतलाम पहुंची और चार में से तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर मंगलुरु ले गई। चौथे आरोपी को नोटिस थमाया गया है।
बिलपांक थाने के प्रभारी अयूब खान के अनुसार, मंगलुरु निवासी उमर फारुक ने शहर थाने में मामला दर्ज कराया। फारुक ने बताया कि 1 मई 2022 को उनके व्हाट्सएप पर अंकित नाम के शख्स ने मैसेज किया और खुद को ‘डेलटिन रॉयल कंपनी’ का प्रतिनिधि बताया। उसने दावा किया कि कंपनी में पैसा लगाने पर राशि दोगुनी हो जाती है। अंकित ने अपने साथियों के नाम, सुमित (27) पुत्र सुरेश जायसवाल, कुशाग्र (23) पुत्र अनिल जैन—दोनों बिलपांक (रतलाम) के रहने वाले—और अखिल (29) पुत्र सतीश मंडरा (बदनावर, जिला धार) बताए।
दोगुना मुनाफे का लालच
अंकित ने फारुक को समझाया कि उसके पार्टनर विदेशों में निवेश करके पैसा दोगुना कर लौटाते हैं और इसमें कोई रिस्क नहीं है। विश्वास जमाने के लिए फारुक ने 1 मई 2022 को फेडरल बैंक अकाउंट से स्कैनर के माध्यम से 3,500 रुपये ट्रांसफर किए, जिसके बदले उसी दिन 1,000 रुपये लाभ के रूप में मिले।
इसके बाद मई 2022 से 29 अगस्त 2025 तक फारुक ने अपनी पत्नी फातिमा, चाचा इस्माइल और भतीजी आयशा अफीका के खातों से यूपीआई तथा आईएमपीएस के जरिए आरोपियों के बताए विभिन्न बैंक अकाउंट्स में 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी।
फोन करने पर नहीं मिला जवाब
आखिरी तीन महीनों में फारुक ने बार-बार कॉल और मैसेज किए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। जब उन्होंने अंकित से रकम वापस मांगी तो उसने कहा कि बाकी तीनों ने उसे भी ठग लिया है और अब वह उनकी साझेदारी में नहीं है। आरोपियों ने फारुक को धमकी दी कि पैसे नहीं लौटाएंगे और पुलिस के पास गए तो जान से मार देंगे।
शिकायत मिलते ही कर्नाटक पुलिस की टीम रतलाम के बिलपांक क्षेत्र में पहुंची। तीन आरोपियों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर मंगलुरु ले जाया गया। टीआई अयूब खान ने बताया कि अंकित को नोटिस जारी किया गया है। वह मूल रूप से बदनावर का निवासी है और फिलहाल इंदौर में रह रहा है।