भोपाल में चल रहे आलमी तब्लीगी इज्तेमा का सोमवार को विशेष दुआ के साथ समापन हो गया। मौलाना साद साहब ने भावुक माहौल में विशेष दुआ पढ़ाई। दुआ में, उन्होंने पापों की क्षमा और मानवता के लिए दया की याचना की। उन्होंने मानव और मानवता का सम्मान करने, तथा प्रेम और भाईचारे के साथ रहने के महत्व पर ज़ोर दिया।
मौलाना साद ने मुसलमानों के लिए सत्य पर अडिग रहने की क्षमता तथा लोगों के दिलों में दया और दयालुता पैदा करने की दुआ की। उन्होंने कहा कि हमें हजरत मोहम्मद साहब की सुन्नत का अनुयायी बनाइये, हमारे सब्र को मंजूर फरमा। साथ ही उन्होंने दीनी मदरसों की हिफाजत, बीमारों की शिफा और उन लोगों के लिए भी दुआ की जिन पर नाहक मुकदमे दर्ज किए गए हैं इसके आलवा मौलाना ने कहा कि अल्लाह सबकी मुश्किलें आसान करे और रहमतें नाजिल फरमाए।
आलमी तब्लीगी इज्तिमा प्रबंधन के अनुसार इज्तिमा में इस बार 10 से 12 लाख जायरीन शामिल हुए। अब वही लाखों की भीड़ वापसी के लिए लौट रही है।