समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे, पूर्व विधायक मोहम्मद अब्दुल्ला आजम को रामपुर की विशेष MP/MLA मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दो पैन कार्ड मामलों में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने सोमवार यानी 17 नवंबर को यह फैसला सुनाया है जो कि साल 2019 में दर्ज इस केस में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। दोनों को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया गया है।
2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था।दोषी करार दिए जाने के बाद आज़म खान और अब्दुल्ला को अदालत में हिरासत में ले लिया गया। अदालत जल्द ही सज़ा का ऐलान करेगी। मामले के वादी, भाजपा विधायक आकाश सक्सेना भी अदालत में मौजूद थे।
क्या है पूरा मामला
यह मामला 6 दिसंबर, 2019 को रामपुर के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्मतिथियों का उपयोग करके दो पैन कार्ड प्राप्त किए हैं।
भाजपा विधायक का आरोप है कि पैन कार्ड झूठे और जाली दस्तावेजों के आधार पर बनाया गया और उसका इस्तेमाल बैंक खातों, आयकर और चुनावों में किया गया। आरोप है कि एक पैन कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 है, जबकि दूसरे में जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 है। एफआईआर की जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने अब्दुल्ला के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
सीतापुर जेल से 23 सितम्बर को जमानत पर रिहा हुए थे आजम खान
7 नवंबर को अभियोजन और बचाव पक्ष द्वारा दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फाइल पर निर्णय के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की थी। आजम खान 23 सितंबर को सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा हुए थे और फिलहाल बाहर हैं लेकिन अब उन्हें एक बार फिर जेल जाना पड़ सकता है।