10 नवंबर को लाल किला के पास हुए आत्मघाती हमले में नया मोड़ आ गया है। इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकी डॉ. उमर का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसे मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसने ब्लास्ट से ठीक पहले बनाया था। इस वीडियो में डॉ. उमर आत्मघाती हमले को लेकर अपनी बात रख रहा है, जिससे यह माना जा रहा है कि वह पहले से ही इस फिदायीन हमले की योजना बना रहा था।
आत्मघाती हमले की खतरनाक मानसिकता
आत्मघाती हमलों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि उसकी मौत एक तय समय और जगह पर निश्चित है, तो वह एक बेहद खतरनाक मानसिक स्थिति में पहुँच जाता है। यह सोच उसे ऐसी जगह खड़ा कर देती है जहाँ उसे लगता है कि मौत ही उसकी अंतिम मंजिल है। लेकिन ऐसी मानसिकता किसी भी लोकतांत्रिक और मानवीय व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती, क्योंकि यह जीवन, समाज और कानून के बुनियादी सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ है। यह किसी भी तरह से लोकतांत्रिक नहीं है और न ही किसी सभ्य समाज में इसकी अनुमति दी जा सकती है, जिसके खिलाफ कई विरोधाभास और कई मजबूत तर्क मौजूद हैं।
NIA का बड़ा खुलासा: हमास की तर्ज पर ड्रोन और रॉकेट हमले की थी तैयारी
इधर, इस हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ा खुलासा किया है। NIA ने बताया कि यह ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ (शिक्षित आतंकवादियों का गिरोह) पहले हमास की तरह ड्रोन और रॉकेट से हमला करना चाहता था। यह पूरी योजना 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए हमले की तर्ज पर बनाई गई थी।
NIA को यह जानकारी आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर-उन-नबी के एक और साथी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश की गिरफ्तारी के बाद मिली है। दानिश जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का रहने वाला है। NIA ने उसे चार दिन पहले श्रीनगर से हिरासत में लिया था और सोमवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।
NIA के अनुसार, दानिश को छोटे ड्रोन हथियार बनाने और उन्हें मॉडिफाई करने का तकनीकी अनुभव है। उसने डॉ. उमर को तकनीकी मदद दी और आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए ड्रोन और रॉकेट तैयार करने की कोशिश कर रहा था।
एजेंसी ने बताया कि दानिश भीड़भाड़ वाले इलाके में ड्रोन से बम गिराने की योजना पर काम कर रहा था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह बड़ी बैटरी और कैमरे से लैस हैवी-लोड ड्रोन तैयार कर रहा था, जो भारी विस्फोटक उठा सकें।
NIA अब इस मॉड्यूल के बाकी सदस्यों और तकनीकी सपोर्ट नेटवर्क की पहचान में जुटी है। आपको बता दें कि 10 नवंबर को हुंडई i20 कार में हुए धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी, और 20 से ज्यादा घायल हुए थे।