अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों भारी दबाव में हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि लगातार खराब हो रही है और घरेलू मोर्चे पर भी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। टैरिफ नीतियों और वेनेजुएला संकट को लेकर दुनिया के कई देश उनसे नाराज हैं, जबकि जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में उनका नाम उछलने से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है।
ताजा विवाद एयर फोर्स वन में उस वक्त हुआ जब एक महिला पत्रकार ने एपस्टीन फाइल्स से जुड़ा सवाल पूछने की कोशिश की। रिपोर्टर के बीच में टोकते ही ट्रंप भड़क उठे और उंगली दिखाते हुए बोले, “चुप रहो, चुप रहो पिगी!” इसके बाद उन्होंने पत्रकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “तुम सबसे घटिया हो, तुम ब्लूमबर्ग वाली हो ना? समझ नहीं आता तुम्हें नौकरी पर क्यों रखा है।” यह पूरा वाकया वीडियो में कैद हो गया जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
एपस्टीन फाइल्स का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। रिपब्लिकन पार्टी के कई सांसद भी अब खुलकर सभी गैर-गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक जारी नहीं की गई कुछ एफबीआई फाइलों में डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी है, हालांकि अखबार ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ नाम होना किसी अपराध का प्रमाण नहीं है। इन फाइलों में एलन मस्क और प्रिंस एंड्रयू जैसे कई बड़े नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
व्हाइट हाउस ने इन खबरों को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी ही पार्टी के उन सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि “केवल बहुत मूर्ख या खराब रिपब्लिकन ही इस जाल में फंस सकता है।” उनका इशारा डेमोक्रेट्स की ओर था कि वे इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार बना रहे हैं।
पिछले कई महीनों से कांग्रेस के दोनों सदनों में एपस्टीन से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने का द्विदलीय प्रस्ताव लंबित है, लेकिन व्हाइट हाउस लगातार इसका विरोध करता रहा है। बाल यौन शोषण के दोषी जेफरी एपस्टीन और उनकी साथी घिसलैन मैक्सवेल से जुड़े ये दस्तावेज हर बार नई सनसनी पैदा करते हैं। इस बार ट्रंप का एक महिला पत्रकार के साथ कथित बदतमीजी वाला वीडियो और एपस्टीन फाइल्स का पुराना जिन्न एक साथ बाहर आ गया है, जिससे व्हाइट हाउस की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।