सलमान खान पान मसाला विज्ञापन केस में फंसे, कोर्ट ने 9 दिसंबर की तारीख निर्धारित की

बॉलीवुड के मेगास्टार सलमान खान एक पान मसाला ब्रांड के विज्ञापन को लेकर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। कोटा (राजस्थान) के भाजपा नेता एवं अधिवक्ता इंदर मोहन सिंह हनी ने उनके खिलाफ उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया है। मामले की हालिया हालिया सुनवाई के बाद अब अगली तारीख 9 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।

सलमान खान की तरफ से पेश वकील आशीष दुबे ने अदालत में दलील दी कि यह शिकायत उपभोक्ता फोरम के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। उन्होंने कहा कि सलमान खान न तो उस उत्पाद के निर्माता हैं, न विक्रेता और न ही सर्विस प्रोवाइडर, इसलिए उन्हें इस मामले में पक्षकार बनाना पूरी तरह गलत है। वकील ने यह भी तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने जानबूझकर सलमान खान को अनावश्यक रूप से फंसाने और परेशान करने की कोशिश की है।

आगे दलील देते हुए वकील ने स्पष्ट किया कि सलमान ने किसी गुटखा या पान मसाला का प्रचार नहीं किया, बल्कि सिल्वर कोटेड इलायची (माउथ फ्रेशनर) का विज्ञापन किया था, जिसे पान मसाला की कैटेगरी में नहीं गिना जा सकता। इस आधार पर पूरी शिकायत ही कमजोर और आधारहीन है।

दूसरी ओर, शिकायतकर्ता इंदर मोहन सिंह हनी ने सलमान खान की ओर से दाखिल लिखित जवाब पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। उनका आरोप है कि जवाब पर जो हस्ताक्षर हैं, वे सलमान खान के असली सिग्नेचर से मेल नहीं खाते। हनी ने कोर्ट से गुजारिश की है कि अभिनेता को स्वयं अदालत में उपस्थित होकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया जाए और हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच कराई जाए।

असल में, विवाद उस विज्ञापन से जुड़ा है जिसमें कंपनी ने अपने पांच रुपए के पाउच में “असली केसर” मिलाने का दावा किया था। परिवाद में कहा गया है कि इतने सस्ते उत्पाद में शुद्ध केसर डालना व्यावहारिक रूप से असंभव है, जिससे उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा है। साथ ही, ऐसे विज्ञापन युवाओं को तंबाकू और पान मसाला की लत की ओर ले जा रहे हैं और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।