इस्लामाबाद/रावलपिंडी। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उजमा खान ने मंगलवार को रावलपिंडी की अडियाला जेल में अपने भाई से मुलाकात की। 27 दिन बाद इमरान खान की अपने परिवार के किसी सदस्य से यह मुलाकात हुई है। इससे पहले उन्होंने 5 नवंबर को अपनी बहन नौरीन खान से मुलाकात की थी।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पिछले सप्ताह परिवार और समर्थकों को उनसे मिलने की इजाजत नहीं मिलने के बाद इमरान खान की मौत की अफवाहें पाकिस्तान में तेजी से फैल गई थीं। इन अफवाहों के कारण मंगलवार को पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए गए, जिसके मद्देनजर रावलपिंडी से लेकर इस्लामाबाद तक हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
रावलपिंडी में धारा 144 लागू
विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने रावलपिंडी में 1 से 3 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हसन वकार द्वारा जारी आदेश में सार्वजनिक सभा, रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और पाँच से अधिक लोगों के इकट्ठे होने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आदेश में हथियार, लाठी, गुलेल, पेट्रोल बम और विस्फोटक सामग्री ले जाने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, नफरत भरे भाषण देना, पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश करना और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से रोक है। जिला खुफिया समिति की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ संदिग्ध संगठन बड़े पैमाने पर लोगों को इकट्ठा करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और संवेदनशील ठिकानों पर हमला करने की फिराक में हैं, जिसके चलते ये पाबंदियां लगाई गई हैं।
PTI का विरोध प्रदर्शन और कोर्ट की नाकामी
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने मंगलवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर और अडियाला जेल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। PTI नेता असद कायसर ने कहा कि यह प्रदर्शन इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि कोर्ट अपने आदेश को लागू कराने में नाकाम रहा है और जेल प्रशासन भी इमरान खान के परिवार या पार्टी सदस्यों को उनसे मिलने नहीं दे रहा है।
पिछले हफ्ते खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को लगातार आठवीं बार खान से मिलने से रोका गया था, जिसके बाद उन्होंने जेल के बाहर रात भर धरना भी दिया था। इसी बीच, पाकिस्तान सरकार खैबर पख्तूनख्वा (KP) में राष्ट्रपति शासन लगाने पर भी विचार कर रही है, क्योंकि न्याय राज्य मंत्री अकील मलिक ने वहां की सुरक्षा और प्रशासनिक स्थिति को बेहद खराब बताया है।