सिद्धारमैया-शिवकुमार की ‘इडली डोसा डिप्लोमेसी’: बेलगावी सत्र से पहले तनाव कम करने की कोशिश!

कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर सत्ता और नेतृत्व को लेकर चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच एक बार फिर ‘ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी’ चर्चा में है।

मंगलवार की सुबह सीएम सिद्धारमैया निर्धारित समय पर शिवकुमार के निवास स्थान पर पहुंचे। वहां उनका पारंपरिक कर्नाटक शैली के नाश्ते से स्वागत हुआ, जिसमें इडली-डोसा, उपमा, नाटी चिकन और फिल्टर कॉफी शामिल थी।

सूत्रों के मुताबिक यह बैठक पूरी तरह वन-ऑन-वन रखी गई थी, ताकि दोनों बड़े नेता बिना किसी बिचौलिये के खुलकर बात कर सकें। कांग्रेस आलाकमान इसे दोनों नेताओं के बीच बढ़ती दूरी को पाटने की गंभीर कोशिश के तौर पर देख रहा है।

पिछले कुछ दिनों से पावर-शेयरिंग फॉर्मूले और ढाई-ढाई साल के बाद सीएम बदलने की अटकलों ने पार्टी के अंदर खासा तनाव पैदा कर दिया था। सोमवार को ही शिवकुमार और सिद्धारमैया ने अलग-अलग सार्वजनिक बयान देकर कहा था कि वे हाईकमान के किसी भी फैसले का सम्मान करेंगे।

डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा था, “पार्टी में कोई समस्या नहीं है, हम सब एकजुट हैं और सबको साथ लेकर चलेंगे।” उनके भाई एवं पूर्व सांसद डी.के. सुरेश ने भी यही रुख दोहराते हुए कहा कि हाईकमान सही वक्त पर उचित निर्णय लेगा।

8 दिसंबर से बेलगावी में शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले हुई यह नाश्ते की बैठक कांग्रेस के अंदरूनी असंतोष को शांत करने का बड़ा प्रयास मानी जा रही है।