हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान कुछ जगहों पर 3 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के अनुसार, 13 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर तापमान में और अधिक कमी आने की संभावना है।
राजस्थान में भी ठंड का असर तेज हो रहा है। राज्य के 20 से अधिक जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया, जबकि फतेहपुर सबसे सर्द स्थान रहा जहां पारा 3.7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा।
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में कड़ाकी सर्दी पड़ रही है। चमोली और पिथौरागढ़ क्षेत्रों में पानी की पाइपलाइनें जम गई हैं, वहीं झरने और नदी-नाले ठंड के कारण बर्फ बन रहे हैं। केदारनाथ में तापमान माइनस 15 डिग्री और बद्रीनाथ में माइनस 13 डिग्री तक पहुंच गया है। बर्फबारी के बाद अब पाला गिरने से स्थिति और गंभीर हो गई है। दिन में हल्की धूप मिलने से थोड़ी राहत रहती है, लेकिन रातें बेहद ठंडी हैं।
हरियाणा में चार जिलों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री से कम रहा, जबकि 12 जिलों में यह 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 12 दिसंबर से राज्य में ठंड और बढ़ेगी। राजस्थान से लगे कुछ जिलों जैसे सिरसा, फतेहाबाद, हिसार आदि में पहले शीतलहर का येलो अलर्ट था, लेकिन हवाओं की दिशा बदलने से तापमान में अस्थायी उतार-चढ़ाव देखा गया।
मध्य प्रदेश में पूरे दिसंबर महीने कड़ी सर्दी रहने का अनुमान है। हिमालय से आने वाली बर्फीली हवाएं इसका मुख्य कारण हैं। नया पश्चिमी विक्षोभ 13 दिसंबर से प्रभावी होगा, जिससे ठंड और तेज होगी। शहडोल जिले का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां सीजन का सबसे कम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बिहार में भी सर्दी का जोर बढ़ रहा है। पटना का न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 1.1 डिग्री कम है। बक्सर जिला सबसे सर्द रहा जहां पारा 8.1 डिग्री तक गिरा। ठंड बढ़ने के कारण पटना में सभी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।
झारखंड में मौसम लगातार बदलाव दिखा रहा है। रांची मौसम केंद्र के अनुसार, 16 दिसंबर तक अधिकांश क्षेत्रों में सुबह घना कोहरा या धुंध रहने की आशंका है। इससे दृश्यता कम होने पर सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।