प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों विदेशी दौरों पर हैं, जिन्हें भारत की वैश्विक कूटनीति के नए आयामों से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम मोदी देशों के आकार को नहीं बल्कि संबंधों की गहराई को तरजीह देते हैं और सभी राष्ट्रों के साथ समान महत्वपूर्ण साझेदारी निभाते हैं। फिलहाल वे जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर हैं।
पीएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। उन्होंने ओमान और जॉर्डन की यात्राएं पूरी कर ली हैं, जबकि इथियोपिया में कई महत्वपूर्ण समझौते संपन्न हुए। मंगलवार को इथियोपिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ऊंचा उठाया गया। पीएम मोदी इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ विस्तृत वार्ता में भारत-इथियोपिया संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे थे, ठीक उसी समय दूर इजरायल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर भारत की विदेश नीति को मजबूती प्रदान कर रहे थे।
जब पीएम मोदी इथियोपिया में संबंधों को गहरा कर रहे थे, तब इजरायल की राजधानी यरुशलम में जयशंकर ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, संपर्क, कौशल विकास और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। जयशंकर ने पीएम मोदी की तरफ से नेतन्याहू को हार्दिक शुभकामनाएं भी पहुंचाईं।
विदेश मंत्री ने मुलाकात के बाद बताया कि इजरायली प्रधानमंत्री से क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने कहा कि यरुशलम में नेतन्याहू से मिलने का मौका मिला, इसके लिए आभार। पीएम मोदी की शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के और मजबूत होने की उम्मीद जताई।
दूसरी ओर, पीएम मोदी ने इथियोपिया के साथ संबंधों को मजबूत बनाने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों का सुझाव दिया खाद्य एवं स्वास्थ्य सुरक्षा, क्षमता निर्माण तथा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का फैसला किया। इस दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए, जो दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देंगे।