बांग्लादेश में ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा निर्मम हत्या की घटना पर कांग्रेस नेता और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ जघन्य अपराध करार देते हुए भारत सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और उचित कार्रवाई करने की अपील की है।
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा कि बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की उग्र भीड़ द्वारा की गई क्रूर हत्या की खबर बेहद परेशान करने वाली और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति या पहचान के नाम पर भेदभाव, हिंसा या हत्या को जगह नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि यह मानवीय मूल्यों का उल्लंघन है। ऐसी वारदातें समाज में डर और अस्थिरता का वातावरण बनाती हैं।
कांग्रेस सांसद ने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदायों, खासकर हिंदू, ईसाई और बौद्धों के खिलाफ बढ़ती हिंसक घटनाओं पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए राजनयिक स्तर पर बांग्लादेश प्रशासन से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का मुद्दा दृढ़ता से उठाए। प्रियंका गांधी ने किया कि क्षेत्रीय स्थिरता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए ऐसी घटनाओं पर ठोस और त्वरित कदम उठाना जरूरी है।
पूरा मामला क्या है?
यह दिल दहला देने वाली घटना बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में दुबालिया पारा क्षेत्र की है। गुरुवार (18 दिसंबर) की रात को कथित रूप से धर्म का अपमान करने के आरोप में एक उग्र भीड़ ने हिंदू युवक को घेर लिया और उसकी क्रूर पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया गया। मृतक की शिनाख्त दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो एक गारमेंट फैक्ट्री में मजदूर था और किराए के मकान में रहता था।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया, जिसके चलते अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। स्थानीय अधिकारियों ने जांच शुरू करने की बात कही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भी इस हत्या की कड़ी निंदा की है और कहा है कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में गिरफ्तारियों का भी जिक्र है।