उत्तर प्रदेश में भीषण शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। पिछले 48 घंटों के दौरान ठंड और कोहरे से जुड़ी घटनाओं में 3 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर समेत 30 शहर घने कोहरे की चादर में लिपटे हुए हैं। आलम यह है कि गाजीपुर के ग्रामीण इलाकों में ओस की बूंदें बर्फ की तरह जम गई हैं, वहीं कई जिलों में दृश्यता (Visibility) शून्य तक पहुंच गई है।
सड़कों पर सन्नाटा, 9 जिलों में स्कूल बंद भीषण ठंड को देखते हुए प्रशासन ने रायबरेली, वाराणसी, जौनपुर, सुल्तानपुर और उन्नाव समेत 9 जिलों में 8वीं तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। बर्फीली हवाओं के कारण दिन का तापमान भी तेजी से नीचे गिरा है, जिससे मैदानी इलाकों में पहाड़ों जैसी ठंड का अहसास हो रहा है।
कोहरे के कारण हादसों का सिलसिला घने कोहरे के कारण राज्य में पांच बड़े सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें अब तक 3 लोगों की मौत और 24 लोगों के घायल होने की खबर है:
- अमेठी: नेशनल हाईवे पर सोमवार रात रोडवेज बस और ट्रक समेत 7 वाहन आपस में टकरा गए। इस भीषण हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 18 अन्य घायल हुए।
- वाराणसी व मुरादाबाद: रिंग रोड और नेशनल हाईवे पर कोहरे के चलते डीसीएम और ट्रक डिवाइडर से टकराए, जिनमें चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
- कानपुर: यशोदा नगर एलिवेटेड रोड पर टमाटर से लदी पिकअप बेकाबू होकर पलट गई।
ट्रेनों और उड़ानों पर भारी असर मौसम का सबसे बुरा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा है। कानपुर सेंट्रल समेत प्रमुख स्टेशनों पर 100 से अधिक ट्रेनें 2 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं। हवाई सेवाओं पर भी कोहरे का असर दिखा है, जिससे कई फ्लाइट्स ने देरी से उड़ान भरी। सोमवार को बाराबंकी प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के 26 शहर ऐसे रहे जिनका तापमान नैनीताल और शिमला जैसे हिल स्टेशनों से भी कम दर्ज हुआ।
क्रिसमस और नए साल पर राहत के आसार नहीं मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, क्रिसमस और नए साल के दौरान भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते आने वाली सर्द हवाओं से तापमान में 2-3 डिग्री की और गिरावट आ सकती है। 25 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच पारा 5 से 11 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, साथ ही बादलों के छाए रहने और भीषण कोहरे की संभावना जताई गई है।