17 साल बाद बांग्लादेश लौटे तारिक़ रहमान, बीएनपी को मिलेगा चुनावी बढ़त का बल

लंबे इंतज़ार के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक़ रहमान 25 दिसंबर 2025 को 17 वर्षों के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौट आए। लंदन से रवाना होकर उनकी विमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट सिलेट होते हुए ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंची। उनकी पत्नी डॉ. ज़ुबैदा रहमान और बेटी ज़ैमा रहमान भी साथ थीं। हवाईअड्डे पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया, जबकि लाखों समर्थक सड़कों पर जमा होकर उत्साहपूर्ण नारे लगा रहे थे।

तारिक़ रहमान की यह वापसी बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया के बड़े बेटे और दिवंगत राष्ट्रपति ज़ियाउर रहमान के पुत्र तारिक़ 2008 में राजनीतिक दबाव और कई मुकदमों के कारण लंदन चले गए थे। शेख़ हसीना सरकार के दौरान उन पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और 2004 के ग्रेनेड हमले जैसे गंभीर आरोप लगे थे, जिनमें अनुपस्थिति में सज़ाएं भी हुईं। हालांकि, पिछले साल छात्र आंदोलन से हसीना के सत्ता से हटने के बाद अदालतों ने सभी प्रमुख मामों में उन्हें बरी कर दिया, जिससे उनकी वापसी का रास्ता साफ़ हुआ।

बीएनपी ने उनकी वापसी को भव्य बनाने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए। हवाईअड्डे से पूर्बाचल के 300 फीट क्षेत्र तक रोड शो आयोजित किया गया, जहां तारिक़ ने लाखों समर्थकों को संबोधित किया। पार्टी का दावा है कि करीब 50 लाख लोग जुटे। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने भी उनकी सुरक्षा के लिए पूरा सहयोग दिया।

यह वापसी क्यों अहम है?

फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक पहले तारिक़ रहमान की लौटना बीएनपी को बड़ा बढ़ावा देगा। वर्तमान में अवामी लीग चुनाव से बाहर है और सर्वेक्षणों में बीएनपी सबसे आगे दिख रही है। 80 वर्षीया ख़ालिदा ज़िया गंभीर रूप से बीमार हैं, इसलिए तारिक़ को पार्टी का मुख्य चेहरा और संभावित प्रधानमंत्री उम्मीदवार माना जा रहा है। उनकी मौजूदगी से पार्टी की चुनावी रणनीति मज़बूत होगी और कार्यकर्ताओं में नया जोश आएगा।