उज्जैन में सनातन परंपरा से नववर्ष स्वागत: महाकाल मंदिर में 5 लाख रुद्राक्ष 11 हजार डमरू की सजावट

उज्जैन में नववर्ष का स्वागत सनातन हिंदू परंपराओं के अनुसार किया जाएगा। भक्तगण नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन से करेंगे। श्रद्धालुओं की भावना को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मंदिरों में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। खास तौर पर ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाएगा, जहां गुजरात की डमरू फाउंडेशन द्वारा महाकाल महालोक और मंदिर परिसर में लगभग पांच लाख रुद्राक्ष तथा ग्यारह हजार डमरू से आकर्षक सजावट होगी।

गर्भगृह और नंदी हॉल को सुंदर फूलों से अलंकृत किया जाएगा। सामान्य भक्तों के लिए प्रवेश चारधाम मंदिर के सामने से शक्तिपथ मार्ग होते हुए त्रिवेणी संग्रहालय गेट से होगा। भक्तों का स्वागत रेड कार्पेट से किया जाएगा। इसके अलावा जूता स्टैंड, पीने का पानी, लड्डू प्रसाद की व्यवस्था, खोया-पाया केंद्र जैसी सुविधाओं का विशेष प्रबंध रहेगा।

कालभैरव मंदिर में सामान्य और प्रोटोकॉल दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार होंगे। मंगलनाथ तथा अंगारेश्वर मंदिरों में भात पूजा और सामान्य दर्शन की समानांतर व्यवस्था की जाएगी, जहां भात पूजा करने वाले भक्त गर्भगृह में प्रवेश कर सकेंगे, जबकि अन्य श्रद्धालु बाहर से दर्शन करेंगे।

चिंतामन गणेश मंदिर में विशेष व्यवस्था

31 दिसंबर और 1 जनवरी को चिंतामन गणेश मंदिर में सुबह साढ़े चार बजे पट खुलेंगे। पंडित शंकर पुजारी के नेतृत्व में भगवान का विशेष शृंगार किया जाएगा। सुबह छह बजे से रात साढ़े नौ बजे तक निरंतर दर्शन की सुविधा रहेगी। आरती के बाद रात सवा दस बजे पट बंद हो जाएंगे। मंदिर प्रबंधक अभिषेक शर्मा के अनुसार, निर्बाध दर्शन के लिए बाहर शेड में बैरिकेडिंग की गई है। रेड कार्पेट, पीने का पानी और सफाई जैसे इंतजाम भी किए गए हैं।

गढ़कालिका मंदिर में छप्पन भोग

शक्तिपीठ गढ़कालिका माता मंदिर में नववर्ष पर माता को छप्पन प्रकार के पकवानों का भोग लगेगा। शासकीय पुजारी महंत करिश्मा नाथ ने बताया कि मंदिर को फूलों से सुंदर सज्जा दी जाएगी। महाभोग लगाकर आरती होगी, फिर संध्या आरती के बाद प्रसाद भक्तों में बांटा जाएगा।

चामुंडा माता मंदिर की विशेष सजावट

शहर के बीच स्थित श्री छत्रेश्वरी चामुंडा माता मंदिर में अनोखी सजावट हो रही है, जहां मां चामुंडा हिमालय पर्वत पर विराजमान रूप में दिखेंगी। पूरे दिन भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया जाएगा।इस प्रकार उज्जैन की धार्मिक नगरी में नववर्ष का आगमन आस्था और भक्ति के रंग में डूबा रहेगा।