सी-स्कीम के कारोबारी को सपरिवार जान से मारने की धमकी; 5 करोड़ की फिरौती के लिए भेजे खौफनाक वॉयस नोट्स

जयपुर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके सी-स्कीम में एक बार फिर गैंगस्टर्स की आहट ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट के सक्रिय गुर्गे और कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम पर जयपुर के एक प्रतिष्ठित बिजनेसमैन से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। यह फिरौती किसी साधारण फोन कॉल से नहीं, बल्कि खौफ पैदा करने वाले ‘वॉयस नोट्स’ और विदेशी नंबरों के जरिए मांगी गई है।

 नए साल के जश्न के बीच ‘डेथ थ्रेट’

पीड़ित कारोबारी ने अशोक नगर थाने में आपबीती सुनाते हुए बताया कि धमकियों का दौर साल के आखिरी दिनों में शुरू हुआ। 30 दिसंबर को पहली बार इंटरनेशनल नंबरों से वॉट्सऐप कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने अपनी पहचान रोहित गोदारा और राहुल रिणाऊ गैंग के सदस्य के रूप में दी।

हिंसक वॉयस नोट्स: बदमाशों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए 31 दिसंबर की शाम को डरावने वॉयस नोट्स भेजे। इनमें बेहद हिंसक और आतंकी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा गया कि यदि 5 करोड़ रुपये नहीं मिले, तो बिजनेसमैन ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा।

 साइबर सेल और पुलिस का एक्शन प्लान

अशोक नगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत FIR दर्ज कर ली है। जांच के केंद्र में वे विदेशी मोबाइल नंबर हैं, जिनका उपयोग इस रंगदारी के लिए किया गया है।

एएसआई राजकुमार ने पुष्टि की है कि साइबर सेल की मदद से उन नंबरों की लोकेशन और डेटा निकाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच रही है कि ये कॉल वाकई विदेश से आए हैं या फिर लोकल अपराधियों ने ‘वर्चुअल नंबर’ का उपयोग कर दहशत फैलाने की कोशिश की है।

राजस्थान में व्यापारियों पर बढ़ता दबाव

रोहित गोदारा, जो फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है और विदेश से अपना गिरोह संचालित कर रहा है, राजस्थान में रंगदारी के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। जयपुर के सी-स्कीम जैसे पॉश इलाके में इस तरह की घटना ने पुलिस की गश्त और इंटेलिजेंस पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पुलिस की टीमें अब बिजनेसमैन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ गोदारा के स्थानीय नेटवर्क (स्लीपर सेल्स) को तलाश रही हैं।

व्यापारियों में बढ़ते इस डर के बीच पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन ‘इंटरनेशनल’ कॉल के जरिए मिलने वाली धमकियों ने जांच को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।