IAS राजेंद्र कुमार पटेल गिरफ्तार; 1500 करोड़ के जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग में फँसे पूर्व कलेक्टर

 गुजरात कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी रिश्वतखोरी से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। सूत्रों के अनुसार, पूरा प्रकरण करीब 1500 करोड़ रुपये के विशालकाय जमीन घोटाले से जुड़ा हुआ है।

शुक्रवार सुबह ईडी की तीन अलग-अलग टीमों ने गांधीनगर स्थित राजेंद्र कुमार पटेल के आवास पर दबिश दी। कई घंटों की गहन पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पटेल, जो सुरेंद्रनगर के कलेक्टर के रूप में तैनात थे, इस घोटाले की आंच आने के बाद पहले ही अपनी कुर्सी गंवा चुके थे।

बेडरूम में मिला था 60 लाख कैश

राजेंद्र पटेल और उनके करीबियों पर ईडी की नजर काफी समय से थी। इससे पहले 20 और 21 दिसंबर को ईडी ने सुरेंद्रनगर जिले में व्यापक छापेमारी की थी। इस दौरान कलेक्टर पटेल के अलावा उनके निम्नलिखित करीबियों के ठिकानों को खंगाला गया था:

  • जयराजसिंह झाला: पूर्व कलेक्टर के पीए (PA)
  • चंद्रसिंह मोरी: डिप्टी तहसीलदार
  • मयूरसिंह गोहिल: क्लर्क

विशेष रूप से, डिप्टी तहसीलदार चंद्रसिंह मोरी के घर से ईडी को 60 लाख रुपये से अधिक का नकद (Cash) बरामद हुआ था, जिसे उसने चालाकी से अपने बेडरूम में छिपा कर रखा था। इसी बरामदगी और आरोपियों के बयानों ने आईएएस पटेल की मुश्किलें बढ़ा दीं।

भ्रष्टाचार और सत्ता का दुरुपयोग

जांच में सामने आया है कि सुरेंद्रनगर कलेक्टर रहते हुए राजेंद्र कुमार पटेल ने जमीन के आवंटन और रूपांतरण (Conversion) में भारी अनियमितताएं बरती थीं। भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने उनसे कलेक्टरी की जिम्मेदारी छीन ली थी और मामला ईडी को सौंपा गया था। ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि भ्रष्टाचार से कमाई गई इस अवैध राशि को कहां-कहां निवेश (मनी लॉन्ड्रिंग) किया गया है।

गुजरात के प्रशासनिक गलियारों में इस गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य अधिकारियों और रसूखदारों के नाम भी सामने आ सकते हैं।