JNU में फिर गूंजे विवादित नारे: ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’ के नारों से गहराया विवाद; बीजेपी ने बताया देशविरोधी साजिश

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। सोमवार, 5 जनवरी 2026 की रात को विश्वविद्यालय परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी की गई। यह घटना तब हुई जब वामपंथी छात्र संगठन 2020 के दिल्ली दंगा मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के विरोध में साबरमती हॉस्टल के बाहर एकत्र हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध और नारेबाजी

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर नाराजगी जताते हुए जमकर हंगामा किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में छात्रों को ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी’ और ‘अंबानी-अडानी की कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ जैसे भड़काऊ नारे लगाते हुए सुना जा सकता है। जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि यह विरोध प्रदर्शन 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की बरसी पर किया गया था और ये नारे केवल ‘वैचारिक’ थे, किसी व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं।

इस नारेबाजी पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है:

कपिल मिश्रा ने ‘X’ पर पोस्ट कर कहा, “सांपों के फन कुचले जा रहे हैं तो सपोले बिलबिला रहे हैं। नक्सली और आतंकी खत्म किए जा रहे हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है, इसलिए ये हताशा में ऐसे नारे लगा रहे हैं।”

मनजिंदर सिंह सिरसा ने इन छात्रों को ‘अलगाववादी’ करार देते हुए कहा कि जो लोग देश तोड़ने की बात करते हैं, वे अब न्यायपालिका के फैसलों का भी अपमान कर रहे हैं। उन्होंने इसके पीछे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) की शह होने का भी आरोप लगाया।

यह पूरा विवाद उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई की मांग को लेकर शुरू हुआ। शरजील इमाम पर ‘चिकन नेक’ को काटकर पूर्वोत्तर भारत को देश से अलग करने के भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जबकि उमर खालिद दिल्ली दंगों की साजिश रचने के मामले में जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इनकी जमानत याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके खिलाफ गंभीर साक्ष्य मौजूद हैं।

वर्तमान में दिल्ली पुलिस की साउथ-वेस्ट जिले की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक इस मामले में कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।