2025 में राजधानी में 19 हजार डॉग बाइट के केस, हर रोज 50 लोग बन रहे शिकार

शहर सहित प्रदेशभर में आवारा श्वानों का आतंक जारी है। पिछले साल 2025 में राजधानी में 19000 हजार डॉग बाइट के मामले सामने आए। शहर में हर रोज 50 लोग इसके शिकार बन रहे हैं। प्रदेश भर में बढ़ती कुत्तों की संख्या पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है। इसके कारण हर रोज डॉग बाइट के मामले आ रहे हैं। 

नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक हर रोज आवारा श्वानों को पकड़कर नसबंदी केन्द्र भेजा जा रहा है। निगम ने हाल में 86 श्वान पकड़कर केंद्र भेजे हैं। नसबंदी होने के बाद भी आवारा कुत्तों बढ़ती संख्या चिंता जनक बनी हुई है। क्योंकि इनसे होने वाले डॉग बाइट के मामले रूक नहीं रहे हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अनुसार नियंत्रण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जा रही है। इनके लिए आश्रय स्थल बनाने के साथ कई विभाग मिलकर काम करेंगे। सामाजिक संगठनों का भी सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा इनसे बचने के लिए जनजागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा।

हर साल 40,000 नए कुत्ते जुड़ रहे

राजधानी में इन दिनों नगर निगम आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान है। उनका आतंक इस बार सर्दियों में भी बढ़ गया है। इस समय यह हालत है कि रोज इसके तकरीबन 50 शिकार सामने आ रहे हैं।पिछले दो महीनों में ही शहर में लगभग 2500 डॉग बाइट्स के केस सामने आ चुके हैं। खास बात इसमें यह है कि निगम आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिये हर साल 2.15 करोड़ रूपये तीन एबीसी सेंटरों पर खर्च करता है लेकिन उसके बादभी इनकी आबादी में तेजी से इजाफा होता जा रहा है। इस स्थिति पर लगाम लगाने के लिये अब निगमकी तरफ से जल्द ही एबीसी सेंटरों की वर्किंग का ऑडिट किया जाएगा। भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स (आवारा कुत्तों) की संख्या और उनसे जुड़े हमलों में वृद्धि हुई है, जिससे नगर निगम की चिंता बढ़ गई है। 2025 में 19,000 से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए थे और हालत यह है कि हर साल लगभग 40,000 नए कुत्ते जुड़ रहे हैं।