एशियाई बाजारों से मिश्रित रुझान मिलने के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ शुरू हुआ। शुरुआती सत्र में आईटी क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी नजर आई, लेकिन ऑटो और वित्तीय कंपनियों में लाभ बुकिंग से बाजार पर दबाव रहा। इसका प्रभाव मुख्य इंडेक्स पर स्पष्ट दिखा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बड़ी गिरावट के साथ 84,620 के स्तर पर खुला। खुलने के बाद यह सीमित रेंज में ट्रेड करता रहा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 72 अंकों की कमजोरी के साथ 84,991 के आसपास कारोबार कर रहा था। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी-50 भी लाल निशान में 26,143 पर खुला और फिर 34 अंकों की गिरावट के साथ 26,145 के स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में टाइटन, इंडिगो, आईटीसी, एचसीएल टेक, इंफोसिस और टेक महिंद्रा अच्छी तेजी दिखाने वाले रहे। आईटी सेक्टर की मजबूती ने बाजार को कुछ सहारा प्रदान किया। वहीं, सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वालों में एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी और एलएंडटी शामिल थे।
ब्रोर्डर मार्केट में बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.24 प्रतिशत ऊपर ट्रेड करता दिखा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। सेक्टोरल इंडेक्सेस की बात करें तो निफ्टी ऑटो में 0.47 प्रतिशत और फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.37 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके विपरीत, निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.3 प्रतिशत चढ़कर मजबूत रहा।
एशिया के अन्य बाजारों में बुधवार को मिश्रित कारोबार देखा गया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.38 प्रतिशत ऊपर चढ़ा, क्योंकि नवंबर की महंगाई दर 3.4 प्रतिशत पर आ गई जो अपेक्षा से कम थी। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.89 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.45 प्रतिशत नीचे फिसला।
एशियाई सत्र के दौरान अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा। हालांकि, मंगलवार को वॉल स्ट्रीट मजबूती के साथ बंद हुआ था। अमेरिका की वेनेजुएला में हाल की सैन्य कार्रवाई से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, जिससे एसएंडपी 500 और डाउ जोंस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। उस दिन एसएंडपी 500 में 0.62 प्रतिशत, डाउ जोंस में 0.99 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।